
नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी दलों के बीच एकता की कमी और संगठनात्मक क्षमता का अभाव स्पष्ट है और संभवतः यही कारण रहा कि उन्हें अपनी राजधानी में ‘ संसद की बैठक का स्वांग’ स्थगित करना पड़ा।डॉ पात्रा ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कहा कि श्री राहुल गांधी को संसद के मंचन का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दल आज इसका आयोजन नहीं कर पाए। हालांकि, उन्होंने भविष्य में इसे आयोजित करने का ऐलान किया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि विपक्षी दलों से संगठनात्मक स्तर पर आवश्यक व्यवस्था और समन्वय नहीं हो पा रहा है।”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र के साथ पहले से ही मजाक करते आ रहे हैं, लेकिन आज वे संसद की बैठक का जो स्वांग करने वाले थे उसे अब भविष्य में करने की बात कह रहे हैं।डॉ पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल पहली नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के नेता श्री राहुल गांधी से उनके उस आरोप का सबूत मांगा कि सरकार रैली के लिए बाहर से आने वाले लोगों को रोक रही है।उन्होंने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी के पास इस बात के सबूत होते कि लोगों को रोका जा रहा है, सड़कें बंद कर दी गई हैं और किसी को आने नहीं दिया जा रहा है, तो क्या वह आज उसका वीडियो नहीं दिखाते?
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी गठबंधन को परिवारवादी दलों का समूह बताते हुए सीटों के बंटवारे को लेकर विपक्षी दलों के बीच संभावित टकराव की बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जब भी उत्तर प्रदेश या लोकसभा के चुनाव आए हैं, इन परिवारवादी पार्टियों ने किसी न किसी निर्धारित स्थान पर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर एकजुटता दिखाने का नाटक कई बार किया है।डॉ पात्रा ने कहा , ” हर चुनाव से पहले कभी बेंगलुरु तो कभी दिल्ली में विपक्षी दलों के नेता एक-दूसरे का हाथ पकड़कर इस तरह खड़े हो जाते हैं, मानो वे दुनिया के बड़े नेता हों और संयुक्त राष्ट्र के किसी शिखर सम्मेलन में परमाणु शक्ति जैसे गंभीर विषय पर चर्चा करने वाले हों।”
उन्होंने कहा, ” लेकिन केवल ऐसी तस्वीरों से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। ऐसी तस्वीरें देश ने 2013 में भी देखी थीं, 2018 के अंत में, 2019 के चुनाव से पहले भी देखी थीं और 2024 के चुनाव से पहले भी देखी थीं। उत्तर प्रदेश के हर चुनाव से पहले भी पूरे देश ने विपक्षी नेताओं की ऐसी तस्वीरें देखी हैं।”उन्होंने समाजवादी पार्टी द्वारा एमएलसी चुनाव में पांच सीटें जीतने का जश्न मनाने और छह सीटों पर धांधली का आरोप लगाने के बीच विरोधाभास पर भी सवाल उठाए।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले भी दो अच्छे लड़कों की जोड़ी देखी गई थी। आज सब लिखकर रख लीजिए कि सीटों के बंटवारे को लेकर इनके बीच टकराव हो सकता है। अंत में चुनाव के समय सीटों के बंटवारे को लेकर इनके बीच फ्रेंडली मैच देखने को मिलेगा और सभी दल फ्रेंडली मैच के नाम पर चुनाव लड़ेंगे।
डॉ पात्रा ने कहा कि वोट चोरी का पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। कई बार दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है। इसके बावजूद पार्लियामेंट मंचन आयोजित करने, रामलीला मैदान में अराजकता फैलाने के लिए लोगों को बुलाने और मार्च या रैली निकालने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अराजकता फैलाकर किसी भी तरह सत्ता परिवर्तन का प्रयास करना चाहते हैं लेकिन जनता उन्हें सही समय पर इसका उचित जवाब जरूर देगी।