
लखनऊ, 4 नवंबर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। इसमें खासतौर पर 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए पंचायत, नगरीय निकाय और विधानसभा की मतदाता सूचियों का मिलान करने के साथ सरकारी राशन की दुकानों की भी मदद ली जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को बताया कि अर्हता तिथि एक जनवरी, 2027 के आधार पर चल रहे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान-2027 के तहत सभी पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिए गए हैं। इस काम में विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विधानसभा मतदाता सूची का पंचायत और नगरीय निकाय की मतदाता सूची से गहन मिलान कराया जाएगा। इसके जरिए ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। ऐसे नागरिकों, जिनका नाम देश की किसी भी विधानसभा की मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उनका पंजीकरण कराने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को फॉर्म-6 भरवाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन विभाग खाद्य एवं रसद विभाग के सहयोग से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर पंजीकृत राशन कार्डों में दर्ज 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों का चिन्हांकन कराएगा। इनमें जिन लोगों के नाम मौजूदा मतदाता सूची में नहीं हैं, उनसे फॉर्म-6 भरवाकर नाम दर्ज कराया जाएगा।
युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में गठित मतदाता साक्षरता क्लबों को सक्रिय किया जाएगा। कक्षा नौ और उससे ऊपर के विद्यार्थियों में 18-19 वर्ष आयु वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं की पहचान कर उनका मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया जाएगा।
इस अभियान में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) संबंधित संस्थानों के मतदाता साक्षरता क्लब के समन्वयकों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स का भी सहयोग लिया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मौजूदा मतदाता सूची में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से कम है। इसे देखते हुए पात्र महिलाओं का पंजीकरण कराने के लिए महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर भ्रमण के दौरान ऐसी पात्र महिलाओं की पहचान करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से समूह सखियां भी पात्र महिलाओं को मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करेंगी।
निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।