
अयोध्या, 7 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अयोध्या धाम में आयोजित दीपोत्सव-2026 के समापन समारोह में एक बार फिर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विरासत, विकास और लोककल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कोप भवन में बैठे हुए मंथरा और मारीच इस पूरी व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए येन-केन-प्रकारेण फिर से नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता पैदा करके भारत को अस्त-व्यस्त करने की साजिशें रच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, सामने कितना भी बड़ा सागर क्यों न हो, लेकिन जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और जनता-जनार्दन के प्रति प्रतिबद्धता में संकल्प छिपा हो तो दुनिया की कोई ताकत विजय प्राप्त करने से नहीं रोक सकती।
जो जय श्रीराम बोलने को प्रतिबंधित करते थे, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीपोत्सव रामभक्तों के लिए एक संदेश है। आज राम की पैड़ी पर जगमगाते लाखों दीप केवल उत्सव की भव्यता नहीं बढ़ा रहे, बल्कि रामभक्तों के संकल्प, आस्था और बदलते भारत की तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहे हैं। ठीक 36 वर्ष पहले इसी सरयू नदी का जल रामभक्तों के लहू से रक्तरंजित हुआ था। जिन लोगों ने अयोध्या को रक्तरंजित किया, राम के अस्तित्व पर प्रश्न खड़ा किया और राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, वे आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। जो लोग कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, जो जय श्रीराम बोलने को प्रतिबंधित करते थे, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले रामभक्तों और पूज्य संतों से अपने कृत्यों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और पश्चाताप करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राम करुणानिधान और भक्तवत्सल हैं। वे हर एक पर समान रूप से कृपा बरसाते हैं, लेकिन राम को प्राप्त करने और उनकी भक्ति के लिए सहज और सरल भी होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या जगमगा रही है और त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन जी ने सरयू मैया की आरती करके हम सभी को त्रेतायुग के साथ जोड़ने का कार्य किया है।
रामराज्य की परिकल्पना अक्षरशः धरातल पर उतर रही
सीएम योगी ने कहा कि रामराज्य की जो परिकल्पना धार्मिक और पौराणिक ग्रंथों में की गई है, वह आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अक्षरशः धरातल पर उतर रही है। जब गरीब को निःशुल्क अन्न योजना का लाभ मिलता है, नौजवान को रोजगार मिलता है, किसान के परिश्रम को सम्मान मिलता है, श्रमिक को उचित मानदेय प्राप्त होता है और नारी सुरक्षा के विश्वास के साथ बेखौफ अपने गंतव्य तक पहुंचती है, तब रामराज्य की परिकल्पना साकार होती है। रामभक्तों की सरकार सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के माध्यम से हर व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है।
बदलते हुए भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा अयोध्या धाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले क्या कोई कल्पना कर सकता था कि अयोध्या में इतना भव्य दीपोत्सव होगा? क्या उत्तर प्रदेश में ऐसा उत्सव का माहौल संभव था, जहां देर रात भी कोई बेटी और बहन बेखौफ होकर अपने घर लौट सके? उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या को बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसाया, वहां बिजली की सीमित उपलब्धता थी, सफाई की व्यवस्था नहीं थी और गलियां संकरी थीं। रामलला टेंट में विराजमान थे और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर तक संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता था। आज अयोध्या में राम मंदिर तक पहुंचने के लिए फोरलेन मार्गों की व्यवस्था है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है। रामपथ, श्रीराम जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ और धर्मपथ का विस्तार हुआ है। रेलवे स्टेशन का विकास हुआ है और वंदे भारत तथा अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अयोध्या सोलर सिटी के रूप में नई पहचान बना रही है। यह बदलते हुए भारत की तस्वीर है।
बेटी और बहन की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले रावण जैसी दुर्गति भोगने की तैयारी कर लें
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव से निकलने वाला प्रकाश केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है। यह उत्तर प्रदेश के गांव-गांव में सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि का विश्वास पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता। उत्तर प्रदेश में कोई पूजा के अधिकार का हनन नहीं कर सकता और न ही कोई दंगा करने का दुस्साहस कर सकता है। बेटी और बहन की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को स्पष्ट संदेश है कि रावण जैसी दुर्गति भोगने की तैयारी कर लें। मुख्यमंत्री ने जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारी एकता को खंडित करना चाहते हैं, लेकिन इन सबका जवाब प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र है, जहां समाज के प्रत्येक तबके के लिए सम्मान है, हर व्यक्ति के जीवन में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त है और प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा का आश्वासन है। विकसित भारत की संकल्पना को 2047 तक पूरा करने के लिए सभी को प्राण-प्रण से एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा यूपी का बजट और अयोध्या धाम में भी 36 लाख दीप प्रज्ज्वलित हो रहे
दीपोत्सव के नौ वर्षों की यात्रा और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में पहले दीपोत्सव में मात्र 25 हजार दीपक जलाए गए थे। उस समय प्रदेश की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई थी और कर्मचारियों को वेतन देने तक के लिए पैसा नहीं था। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके लोगों ने सिंडिकेट बनाकर सरकारी धन की लूट की और विदेशों में संपत्तियां खरीदीं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे दीपों की संख्या बढ़ी, वैसे-वैसे उत्तर प्रदेश की समृद्धि भी बढ़ती गई। प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है और इस वर्ष अयोध्या धाम में 36 लाख दीप प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। यह उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का बजट देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ा है। प्रदेश ने नौ वर्षों में यह उपलब्धि हासिल की है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि और भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ अयोध्या के पूज्य संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रीराम भक्त एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे