
वेलिंगटन, 07 नवंबर । न्यूजीलैंड में मिश्रित सदस्य आनुपातिक (एमएमपी) प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत हुए आम चुनावों की मतगणना के बाद आयी प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिला है।लगभग 100 प्रतिशत साधारण वोटों की गिनती पूरी होने के बाद देश में त्रिशंकु संसद की स्थिति बनती दिख रही है, जिससे अब सरकार गठन के लिए राजनीतिक सौदेबाजी और गठबंधन वार्ताओं का दौर शुरू हो गया है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, नेशनल पार्टी को 29.2 प्रतिशत वोटों के साथ 42 सीटें मिली हैं, जबकि लेबर पार्टी ने 29.4 प्रतिशत वोट हासिल कर 36 सीटों पर जीत दर्ज की है। ग्रीन पार्टी को 13.3 प्रतिशत वोटों के साथ 16 सीटें, एक्ट पार्टी को 10.9 प्रतिशत वोटों के साथ 13 सीटें और न्यूजीलैंड फर्स्ट को 9.8 प्रतिशत वोटों के साथ 12 सीटें मिली हैं।वहीं, नयी मध्यमार्गी दल ‘ऑपर्च्युनिटी’ ने 6.0 प्रतिशत वोट हासिल कर सात सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि ते पाती माओरी को 0.6 प्रतिशत वोट के साथ पांच सीटें हासिल हुई हैं।
न्यूजीलैंड की संसद में सामान्यतः 120 सीटें (71 इलेक्टॉरेट और 49 लिस्ट सीटें) होती हैं, लेकिन इस बार ओवरहैंग (जब कोई पार्टी अपनी पार्टी वोट की तुलना में अधिक इलेक्टॉरेट सीटें जीतती है) के कारण संसद का आकार बढ़कर 131 सीटों का हो गया है। इस प्रकार 131 सीटों की संसद में बहुमत का जादुई आंकड़ा 66 सीटें तय हुआ है।वैचारिक रूप से देखें तो नेशनल, एक्ट और न्यूजीलैंड फर्स्ट वाले दक्षिणपंथी ब्लॉक के पास कुल 67 सीटें बनती दिख रही हैं, जो बमुश्किल बहुमत तक पहुंच रहा है। वहीं वामपंथी रुझान वाले लेबर, ग्रीन्स और ते पाती माओरी वाले ब्लॉक के पास 57 सीटें हैं।
इस स्थिति में सात सीटें हासिल करने वाली नयी दल ‘ऑपर्च्युनिटी’ एक मजबूत ‘किंगमेकर’ के रूप में उभरकर सामने आयी है।नेशनल पार्टी के नेता क्रिस्टोफर लक्सन और लेबर पार्टी के नेता क्रिस हिपकिंस दोनों ने ही नतीजों को बेहद कड़ा मुकाबला बताया है।
चुनाव आयोग ने हालांकि स्पष्ट किया है कि ये केवल प्रारंभिक नतीजे हैं और इनमें विशेष वोट (जो डाक, विदेशी या मतदान केंद्रों से दूर डाले जाते हैं) शामिल नहीं हैं। आगामी 27 नवंबर को आधिकारिक और अंतिम नतीजे घोषित होने के बाद ही सीटों की अंतिम तस्वीर और गठबंधन की स्थिति पूरी तरह साफ होगी।