लखनऊ को बनायेंगे एआई सिटी का प्रमुख केंद्र: योगी

लखनऊ को बनायेंगे एआई सिटी का प्रमुख केंद्र: योगी

लखनऊ, 20 फरवरी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि लखनऊ को एआई सिटी का प्रमुख केंद्र बनाने पर सरकार काम कर रही है।
      आईजीपी में आयोजित डेस्टिनेशन यूपी-इमर्जिंग हब फॉर एआई इन इंडिया कॉन्क्लेव में श्री योगी ने कहा कि आज  उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर का हब बनने जा रहा है। यहां पर तीन डाटा सेंटर स्थापित हो चुके हैं जबकि आठ नए डाटा सेंटर बन रहे हैं। पहले जहां प्रदेश में इस प्रकार की संभावनाएं नहीं थीं, वहीं आज यूपी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के इंस्टीट्यूशन ने स्केल को स्किल में बदलने में अच्छा काम किया है, लेकिन इस स्किल को स्पीड भी चाहिये। इसके लिए हमें डिजिटाइजेशन को अपनाना ही होगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत बड़ी मदद कर सकता है। इसका यूज हम केवल एक फील्ड में ही नहीं बल्कि अलग-अलग फील्ड जैसे एग्रीकल्चर, मेडिकल और एजुकेशन में कर सकते हैं। यह उपयोग करने वाले पर निर्भर करता है कि वह किस रूप में इसका उपयोग करता है।
     उन्होने कहा कि इसमें आईआईएम लखनऊ के युवा भागीदार बन रहे हैं। वहीं गौतमबुद्धनगर विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में एआई का केंद्र बनाने की दिशा में काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके जरिये प्रदेश के लाखों नौजवानों को उनके घर और जनपद में नौकरी दे सकते हैं।
      इससे पहले मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव में आईलेट्स की मदद से डेस्टिनेशन यूपी अपॉर्च्युनिटीज एआई बुक की लाॅन्चिंग की। इस दौरान योगी की मौजूदगी में तीन एमओयू का आदान प्रदान किया गया। इसमें माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के अभिषेक बोस, एचसीएल साफ्टवेयर के ध्रुव कोहली ने एआई सेंटर स्थापित करने और वाधवानी एआई के शेखर ने सरकार से एमओयू का आदान प्रदान किया।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा साथियों ने कल नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर देखी है। आज जब भारत हर क्षेत्र में बुलंदियों की नई ऊंचाइयों को छू रहा है तो उन स्थितियों में उत्तर प्रदेश खुद को पीछे नहीं रख सकता है। ऐसे में 25 करोड़ आबादी की आशा और आकांक्षाओं  को पूरा करने के लिए हमें भी सर्वांगीण विकास के दौर में आगे बढ़ना पड़ेगा। इसके लिए पूरे देश में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने और देश के विकास के ग्रोथ इंजन में अपनी भूमिका का निर्वहन करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसकी एक छोटी सी झलक आप सभी को चतुर्थ ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में देखने को मिली होगी।
       प्रदेश में पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिये 61 हजार करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारा गया था। वहीं जीबीसी 4.0 में दस लाख 24 हजार करोड़ की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। यह 35 लाख से अधिक युवाओं को सीधे-सीधे नौकरी के साथ जोड़ने का एक अभियान है। सीएम योगी ने कहा कि आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस फील्ड में अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान समय में यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसको सरकार ने बखूबी समझा है और इसे ध्यान में रखते हुए वर्ष 2022 में एक पॉलिसी भी प्रदेश में लॉन्च की गई थी।
       उन्हाेंने कहा कि टेक्नोलॉजी का प्रयाेग करके कितना बड़ा कार्य हो सकता है, इसे प्रदेशवासियों ने पिछले 7 वर्षों में देखा है। इसके जरिये सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश में 2016-17 तक लोग भूख से मर रहे थे। यहां पर भुखमरी से मौत होती थी जबकि आज पूरे देश में उत्तर प्रदेश में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम का सबसे सुंदर मॉडल खड़ा हो चुका है। ई पॉस मशीन के जरिये एक जगह एक स्क्रीन से देश की सभी 80 हजार फेयर प्राइस शॉप की मॉनिटरिंग से हर लाभार्थी को उसके अनुसार खाद्यान्न मिलने की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

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