
कटिहार 21 अप्रैल । केन्द्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने देश में अपने दस वर्षों के कार्यकाल के दौरान पिछड़े अति पिछड़े लोगों के अधिकारों को बढ़ावा दिया और उनकी रक्षा की लेकिन इस लोकसभा चुनाव के बाद यदि इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो पिछड़ों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे और उन्हें दंगा, अत्याचार, गरीबी और भुखमरी मिलेगी ।
श्री शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में कटिहार लोकसभा सीट से जनता दल (जदयू) उम्मीदवार दुलालचंद्र गोस्वामी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़े वर्ग से हैं और यह भाजपा ही थी जिसने उन्हें प्रधानमंत्री बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर कई दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने पिछड़ों के हितों की अनदेखी की।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान काका कालेकर समिति की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया ताकि पिछड़ों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा सके। साथ ही उसने ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करने के कदम का कड़ा विरोध किया।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ा वर्ग आयोग को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वैधानिक दर्जा दिया गया लेकिन कांग्रेस सरकार ने आयोग को वैधानिक अधिकार नहीं दिया।