मेरे रहते दलित,पिछड़ों के आरक्षण में सेंध लगाना नामुमकिन: मोदी

मेरे रहते दलित,पिछड़ों के आरक्षण में सेंध लगाना नामुमकिन: मोदी

गाजीपुर, 25 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि वह वंचितों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार के चौकीदार हैं और उनके रहते कोई भी अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में सेंध नहीं लगा सकता।
     आरटीआई मैदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी पारसनाथ राय के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुये उन्होने कहा “ मेरी सरकार के कार्यकाल में गरीबों के लिए योजनाएं लाई गई। नतीजतन 10 साल में 25 करोड लोग गरीबी से बाहर हुए यह आपके वोट की ताकत रही है। मेरे 10 वर्ष के कार्यकाल में चार करोड़ परिवारों को पीएम आवास मिला। 50 करोड़ बैंक खाता, हर घर में बिजली, हर घर में जल, हर रसोई में सिलेंडर हमारे सरकार की उपलब्धि में शामिल रही।”
      श्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के साथ ही लहुरी काशी के लोगों को भोजपुरी में प्रणाम करते हुए की और माता कामाख्या व महाहर धाम को नमन किया। प्रधानमंत्री ने शहीद अब्दुल हमीद, रामउग्रह पांडेय, ब्रिगेडियर उस्मान, शिवपूजन राय, भागवत मिश्रा सहित अष्ट शहीदों को याद किया। उन्होंने शहीदों के गांव के नाम से विख्यात एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर का नाम लेते हुए कहा कि जिस गांव के हर घर से एक बच्चा देश की रखवाली के लिए सीमा पर तैनात है उस गांव का नाम ही काफी है।
      उन्होने कहा “ इंडी गठबंधन में जितनी पार्टियां हैं उनके अंदर कुछ अवगुण समान हैं। ये घोर साम्प्रदायिक, घोर जातिवादी और घोर परिवारवादी हैं। इन्होंने बाबा साहब का अपमान किया, रामनाथ कोविंद जी का अपमान किया, एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान किया। महाराज सुहेलदेव को इन्होंने कभी सम्मान नहीं दिया। ये लोग दलितों का आरक्षण छीन कर उसे मुस्लिमों को देने का षडयंत्र कर रहे हैं। कर्नाटक में उन्होंने रातों रात मुसलमानों को ओबीसी बना दिया। बंगाल में इनका बहुत बड़ा षडयंत्र खुल गया है। पूरा इंडी गठबंधन आरक्षण की लूट में शामिल है। मोदी इनसे लड़ाई लड़ रहा है। जबतक मोदी जिंदा है एससी, एसटी ओबीसी का आरक्षण किसी हालत में छीनने नहीं देगा।”
      प्रधानमंत्री ने कहा “ हमारी सरकार हर गरीब को मुफ्त राशन दे रही है। कोरोना संकट में भी सरकार ने गरीब को भूखे नहीं सोने दिया। किसी का चूल्हा बुझने नहीं दिया। मुफ्त राशन की योजना पर मोदी लाखों करोड़ रुपए खर्च कर रहा है, इसलिए ताकि किसी गरीब को वो परेशानी न उठानी पड़े जो उसने कांग्रेस और सपा के राज में उठाई है। उन्होंने बताया कि ताड़ीघाट के पुल का गहमरी बाबू ने शिलान्यास कराया, मगर कांग्रेस और सपा ने छह दशक तक पुल को लटकाए रखा। पुल तब बना जब आपने मोदी को आपकी सेवा का अवसर मिला। काम लटकाने और हक मारने में कांग्रेस को महारथ हासिल है।”
    उन्होने कहा “ कांग्रेस ने सेना के जवानों को वन रैंक वन पेंशन नहीं मिलने दिया। ये भी तब लागू हुआ जब मोदी आया। परिवारवादी पार्टियों के नेता अपने परिवार के लिए महल पर महल बनाते चले गये, लेकिन गांव, गरीब, किसान, मजदूर, दलित और वंचित जीवन की छोटी छोटी चीजों के लिए जूझते रहे। ”
    श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने सिर्फ 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकला है। उन्होने कहा “ मैं गरीबी से निकला हूं, गरीबों के बीच पला बढ़ा हूं।”
     प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडी गठबंधन तुष्टिकरण में हर हद पार कर रहा है। सपा नेता राममंदिर को बेकार बताते हैं। कांग्रेस के शहजादे राममंदिर पर ताला लगाना चाहते हैं। कांग्रेस फिर से कश्मीर को आग में झोंकना चाहती है, सैनिकों को शहीद करना चाहती है, पाकिस्तान को मजबूत बनाना चाहती है। मगर गाजीपुर को गर्व होना चाहिए कि यहां का बेटा आज जम्मू कश्मीर की कमान संभाल रहा है। जब कमल खिलता है तो विकास की खुशबू हर तरफ फैलती है। उन्हें विकसित भारत के संकल्प में गाजीपुर का समर्थन चाहिए। मां भारती के चरणों में गाजीपुर का कमल चढ़ना चाहिए।
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्होने कहा कि योगी सरकार में आज दंगे भी बंद हो चुके हैं और दंगाई भी। उन्होंने समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि सपा सरकार के समय माफिया खुली जीप में बैठकर कानून को खुलेआम चुनौती देते थे, हर महीने दो से तीन दंगे हुआ करते थे।
      उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत मां कामाख्या और महाहर धाम को प्रणाम करते हुए कहा कि बनारस वालों के लिए गाजीपुर आना ऐसे ही है जैसे बगल के मोहल्ले में आ गये हों। उन्होंने कहा कि वह गाजीपुर में प्रचार करने नहीं, बल्कि माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं।
      प्रधानमंत्री ने कहा कि गाजीपुर का सामर्थ्य क्या है ये इतिहासकारों से ज्यादा देश की सीमाओं को पता है। ये पराक्रम और शौर्य की भूमि है। गाजीपुर का गहमर गांव का नाम ही काफी है। यहां के हर घर से जांबाज निकलते हैं, ये गौरव और किसी को नहीं मिला है। पूरा देश इस मिट्टी का ऋणी है।
     उन्होंने कहा कि सपा के दौर में यूपी में ये हाल था कि माफिया लाल बत्ती में घूमते थे, खुली जीप में कानून को चेतावनी देते थे, विरोधियों को खुलेआम गोलियों से भून दिये जाते थे। सपा सरकार में हर महीने दो से तीन दंगे होते थे। इसका नुकसान हर एक को होता था। योगी जी की सरकार में दंगे भी बंद हैं और दंगाई भी बंद है। वोट के लिए सपा कांग्रेस वाले कुछ भी कर सकते हैं। सपा के शहजादे ने कहा था कि माफिया की इंट्री पर रोक लगाएंगे और फिर माफिया के चरणों में जाकर बैठ गये। सपा ने माफिया को पाला पोसा और उन्हें टिकट दिया। जो अपनी बात पर कायम नहीं रह सकता वो आपकी लड़ाई नहीं लड़ सकता।
    श्री मोदी ने कहा कि इंडी गठबंधन वालों ने गाजीपुर के साथ विश्वासघात किया है। आजादी के बाद कांग्रेस ने कसम खा ली थी कि इस क्षेत्र का विकास नहीं करेगी। यहां के लोग गरीबी में घुट घुटकर जीने को मजबूर रहे। यहां की तकलीफ को सबसे पहले हमारे गहमरी बाबू ने उठाया था। उन्होंने आंख में आंसू लेकर नेहरू जी को यहां की स्थिति बताई और कहा कि कैसे यहां के लोग जानवरों के गोबर से गेहूं बीनकर खाते थे। कांग्रेस ने उसमें भी राजनीतिक मौके तलाश लिये। सियासी ड्रामे किये। आंख में धूल झोंकने के लिए पटेल आयोग बना, रिपोर्ट आई और फाइल को धूल फांकने के लिए छोड़ दिया गया।    
      जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश सरकार में मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभऱ, कैबिनेट मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद, राज्यसभा सांसद संगीता बलवंत,  अमरपाल मौर्य, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल आदि मौजूद रहे।

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