
डसेलडोर्फ, 27 मई । छह गोल खाने के बाद भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने लड़ने का अदभुद जज्बा दिखाते हुये यूरोप टूर के पांचवें मैच में जर्मनी के खिलाफ सोमवार को चार गोल दागे मगर अंतत: उन्हे हार का सामना करना पड़ा।
मैच के पहले हाफ में भारतीय टीम तीन गोल और दूसरे हाफ के पहले क्वार्टर में तीन गोल खाकर छह गोल से पिछड़ रही थी मगर दूसरे हाफ में उसने जबरदस्त वापसी की और संजना होरो, भीनिमा डैन और कनिका सिवाच के गोलों की बदौलत खेल में वापस आने का भरपूर प्रयास किया मगर आखिरकार उसे 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।
अपने पिछले मुकाबले की तरह, जर्मनी ने पहले क्वार्टर की शुरुआत में गोल किया और इसके तुरंत बाद अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। पिछड़ने के बावजूद, भारतीय रक्षापंक्ति ने जर्मनी के लिए कई पेनल्टी कॉर्नर का सफलतापूर्वक बचाव करने में अच्छा प्रदर्शन किया। पहले क्वार्टर के अंतिम मिनटों में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन स्कोरलाइन जर्मनी के पक्ष में 2-0 रही।
भारत ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत नेट पर गोल करने के लिए उत्सुकता से की, लेकिन वे ऐसा करने में असमर्थ रहे। इस बीच, जर्मनी ने दिन का अपना तीसरा गोल करके हाफ टाइम तक खुद को मजबूत स्थिति में ला दिया।
तीसरे क्वार्टर में जर्मनी ने अपना दबदबा जारी रखा और लगातार तीन गोल किए, जिसमें एक सफल पेनल्टी कॉर्नर रूपांतरण भी शामिल था, जिससे वह 6-0 से आगे हो गया। भारत को अपना पहला गोल तब मिला जब संजना होरो ने क्वार्टर के अंत में गोल किया।
अपनी गति को आगे बढ़ाते हुए, भारत ने अंतिम क्वार्टर में जर्मनी पर दबाव बढ़ा दिया। संजना होरो ने भारत के लिए दूसरा गोल करके अपना दूसरा गोल भी पूरा किया और इसके बाद बिनिमा धान और कनिका सिवाच ने गोल करके स्कोर लाइन को जर्मनी के पक्ष में 6-4 कर दिया और भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की ओर से सांत्वना भरी वापसी दर्ज की गई।
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम अपना अगला मैच 29 मई को नीदरलैंड के ब्रेडा में ओरांजे रूड के खिलाफ खेलेगी।