तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने हैदराबाद में ईडी कार्यालय पर दिया धरना

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने हैदराबाद में ईडी कार्यालय पर दिया धरना

 हैदराबाद, 22 अगस्त । तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के साथ गुरुवार को हैदराबाद के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय के सामने सेबी प्रमुख माधबी बुच के इस्तीफे और अडानी घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग को लेकर धरने में हिस्सा लिया।
श्री रेड्डी ने पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हाथों में तख्तियां लिए और नारेबाजी करते हुए गन पार्क से प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय तक रैली निकाली जहां वह धरने में शामिल हुए।
  बाद में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद में अडानी घोटाले का जवाब दिए बिना भाग गए।
  उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 तक भारत का कुल कर्ज केवल 55,000 करोड़ रुपये था, लेकिन मोदी के शासनकाल के दौरान, देश का कर्ज केवल 11 वर्षों में बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया, उन्होंने कहा कि देश में शासन करने वाले 16 प्रधानमंत्रियों की तुलना में मोदी ने अकेले ही भारत के कर्ज के बोझ को दोगुना किया।
  उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को देश में सिंचाई परियोजनाओं का निर्माता माना जाता है।  उन्होंने कहा कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी ने किया था और उन्होंने बैंक सेवाओं को गरीबों तक पहुंचाया। उन्होंने गरीबों को जमीन बांटने का साहसिक फैसला भी लिया।
  उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने देश में प्रौद्योगिकी क्रांति की शुरुआत की और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण भी प्रदान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और अमित शाह ‘हम दो हमारे दो’ की तरह हैं और ऐसा लगता है कि भाजपा के दोनों नेता दुनिया को धोखा दे रहे हैं।
  उन्होंने सेबी चेयरमैन से तुरंत इस्तीफा देने या केंद्र सरकार को चेयरमैन को हटाने की मांग करते हुए ईडी से अडानी घोटाले की जांच करने की मांग की।
  श्री रेड्डी ने कहा  “जब पार्टी ने आह्वान किया, तो हर किसी को, चाहे उनकी स्थिति कुछ भी हो, उसका पालन करना चाहिए। यही कारण है कि मैं विरोध कार्यक्रम में शामिल हो रहा हूं। भाजपा देश के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है और चेतावनी दिया और कहा कि खतरे को खत्म करना हर कांग्रेस कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।”
श्री रेड्डी ने सवाल किया कि बीआरएस नेता घोटाले पर भाजपा से सवाल क्यों नहीं कर रहे हैं और कहा कि अगर बीआरएस का भाजपा में विलय हो गया तो हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा।  उन्होंने यह भी सवाल किया कि बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव भाजपा से सवाल क्यों नहीं कर रहे हैं कि वे ट्विटर पर इस लूट के बारे में संदेश पोस्ट क्यों नहीं कर रहे हैं।
  उन्होंने कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि बीआरएस भाजपा का समर्थन कर रहा है जो देश की संपत्ति लूट रही है। उन्होंने मांग की कि बीआरएस को जेपीसी पर अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।

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