
अनंतपुर 07 सितम्बर (वार्ता) मानव सुथार (49 रन पर सात विकेट) की घातक गेंदबाजी की मदद से इंडिया सी ने दलीप ट्राफी के एक मैच के तीसरे दिन शनिवार को इंडिया डी को चार विकेट से हरा दिया।
इंडिया डी ने पहले खेलते हुये पहली पारी में 164 बनाये जिसके जवाब में इंडिया सी ने 168 रन बना लिये। दूसरी पारी में इंडिया डी की दूसरी पारी 236 रन पर ऑल आउट हो गयी और जीत के 233 रन के लक्ष्य को इंडिया सी ने छह विकेट खोकर हासिल कर लिया।
इंडिया सी जीत में तेज़ गेंदबाज़ मानव सुथार की भूमिका अहम रही, जिन्होंने गेंदबाज़ी में प्रभावित करने के साथ साथ दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी में भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। तीसरे दिन का खेल जब शुरु हुआ तब इंडिया डी के पास 202 रनों की बढ़ती थी लेकिन उनके आठ विकेट कर चुके थे। हालांकि क्रीज़ पर पहली पारी में अर्धशतकीय पारी खेलने वाले अक्षर पटेल मौजूद थे। लेकिन दिन का खेल शुरू होने के बाद इंडिया डी की पारी अधिक आगे नहीं बढ़ पाई और 236 के स्कोर पर पूरी टीम सिमट गई। दूसरे दिन ही सुथार ने इंडिया डी के पांच बल्लेबाज़ों को पवेलियन लौटा दिया था जबकि तीसरे दिन भी उन्होंने ही अंतिम दो विकेट लेकर इंडिया डी की पारी का अंत किया।
सुथार की धारदार गेंदबाज़ी के चलते इंडिया सी को अधिक बड़ा लक्ष्य तो नहीं मिला था लेकिन पहली पारी में ख़ुद इंडिया सी की टीम भी 200 के आंकड़े को नहीं छू पाई थी। पहली पारी में चार रनों की बढ़त हासिल करने के चलते इंडिया सी के सामने 233 रनों का लक्ष्य था।
कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और और साई सुदर्शन की जोड़ी ने ताबड़तोड़ अंदाज़ में पारी की शुरुआत की और महज़ 10 ओवरों में पहले विकेट के लिए 64 रन जोड़ डाले। हालांकि इसके बाद सारांश ने थोड़े ही अंतराल पर दोनों को पवेलियन का रास्ता तो दिखा दिया लेकिन रजत पाटीदार और आर्यन जुयाल के बीच साझेदारी पनप गई। तीसरा झटका भी सारांश ने ही पाटीदार को स्टंप कराकर दिया। जबकि अर्शदीप सिंह ने जुयाल को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया।
पाटीदार और जुयाल दोनों अर्धशतक से ज़रूर चूक गए लेकिन इंडिया सी के स्कोर को 77 से 165 तक ले गए। हालांकि मैच में रोमांच आना अभी बाक़ी था और सारांश ने बाबा इंद्रजीत और अक्षर ने ऋतिक शौकीन को पवेलियन का रास्ता दिखाकर मैच में नाटकीय मोड़ ला दिया। इंडिया सी के पास चार विकेट शेष थे और उन्हें अभी भी जीत के लिए 42 रनों की दरकार थी।
हालांकि सुथार एक बार फिर अपनी टीम के लिए संकटमोचक बने और उन्होंने अभिषेक पोरेल का साथ दिया। दोनों ने मिलकर अंत में इंडिया सी को जीत दिलाकर ही दम लिया।