म्यांमार में फर्जी नौकरी घोटाले में फंसे छह भारतीयों को स्वदेश लाया जाएगा

म्यांमार में फर्जी नौकरी घोटाले में फंसे छह भारतीयों को स्वदेश लाया जाएगा

  ने पी ता/नयी दिल्ली, 14 दिसंबर (वार्ता) म्यांमार के म्यावाडी शहर में फर्जी नौकरी घोटाले  में फंसे छह और भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया जाएगा। जुलाई 2024 से अब तक ऐसे 101 भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाया गया है। यह जानकारी भारतीय दूतावास ने दी।
  भारतीय दूतावास ने शनिवार को कहा कि “म्यावाडी में फर्जी नौकरी घोटाले में फंसे छह और भारतीय कल भारत में निर्वासन के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे। जुलाई 2024 से अब तक 101 भारतीयों को स्वदेश लाया गया। हम मिशनों से परामर्श लिए बिना यहां नौकरी प्राप्त करने के खिलाफ अपनी सलाह दोहराते हैं।”
  छह भारतीयों की पहचान अजय कुमार, मुस्तफा, सुखचैन, बच्चू मणिकांता, समीर अहमद और कुलदीप के रूप में हुई है।
  भारतीय दूतावास ने एक परामर्श में कहा कि म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर म्यावाडी क्षेत्र में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोहों का शिकार होने वाले भारतीयों की संख्या में वृद्धि हुई है। उसने कहा कि एक नए क्षेत्र के रूप में म्यावाडी के दक्षिण में फा लू क्षेत्र उभरा है जहां भारत सहित मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात आदि देशों से भर्ती होने के बाद अधिकांश पीड़ितों की थाईलैंड के रास्ते तस्करी की जा रही है।
  भारतीय दूतावास ने नागरिकों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या अन्य असत्यापित स्रोतों के माध्यम से नौकरी के प्रस्तावों को स्वीकार नहीं करने का आग्रह किया। इसने भारतीय नागरिकों से म्यामांर में भारतीय दूतावास के माध्यम से विदेशी नियोक्ताओं की साख की जांच करने का अनुरोध किया।
  सूत्रों के अनुसार, फर्जी जॉब रैकेट और घोटालों में फंसे भारतीयों की रिहाई और स्वदेश वापसी एक जटिल कार्य है।
  म्यांमार में म्यावाडी क्षेत्र म्यांमार सुरक्षा बलों सहित सभी के लिए पूर्ण रूप से दुर्गम है। इस क्षेत्र पर विपक्षी शक्तियों का नियंत्रण है। म्यांमार की सरकार मदद करने की कोशिश करती है, लेकिन उसकी पहुंच सीमित है। यह भारतीय नागरिकों के स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद ही आव्रजन एवं निकास की सुविधा प्रदान करती है।
सूत्रों ने कहा कि भारतीय दूतावास को बचाव प्रयास करने के लिए म्यांमार सरकार के साथ संबंधों को खतरे में डाले बिना गैर-सरकारी हितधारकों से संपर्क करने की आवश्यकता है।

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