
लखनऊ, 18 दिसंबर। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बुधवार को विधानसभा की घेराव की मंशा से जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बल प्रयोग किया जिसके चलते उसके एक कार्यकर्ता की मृत्यु हो गयी।
उधर पुलिस ने आरोप को सिरे से नकारते हुये कहा कि कार्यकर्ता को पार्टी कार्यालय में बेहोशी की हालत में पाया गया था। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने देर शाम पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा के कुशासन के खिलाफ हजारों की संख्या में कांग्रेसजनों द्वारा शांतिपूर्ण तरीके विधानसभा का घेराव करने की मंशा से कूच किया गया। जिस दौरान सुन्नी वक्फ कार्यालय के पास उपस्थित पुलिस बल द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मार से युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव प्रभात पाण्डेय की मौत हो गई।
श्री राय ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कानपुर देहात निवासी एनएसयूआई के कार्यकर्ता आफताब ज़ाफ़री सहित कई कार्यकर्ताओं के निजी अंगों मे चोट पहुंचायी जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई है।
उन्होने कहा कि पुलिस प्रशासन ने उन पर भी बल प्रयोग किया गया जिसके कारण वह15 मिनट से अधिक समय तक बेहोश रहे। प्रदेश अध्यक्ष ने मृतक प्रभात पाण्डेय के परिवार को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया तथा पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
श्री राय ने कहा कि घटना के दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही हो और उन पर मुकदमा दर्ज किया जाए। कांग्रेस पार्टी की ओर से थाना हुसैनगंज में तहरीर दे दी गई है। उन्होने मांग करते हुए कहा कि मृतक प्रभात पाण्डेय के परिवार को एक करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करे।