यूपी को महाकुम्भ से तीन लाख करोड़ का आर्थिक लाभ: योगी

यूपी को महाकुम्भ से तीन लाख करोड़ का आर्थिक लाभ: योगी

लखनऊ, 14 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि महाकुंभ के आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब तीन लाख करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है।
       श्री योगी ने कहा कि महाकुम्भ न केवल आस्था का महापर्व है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस आयोजन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
     उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुंभ पर खर्च को लेकर सवाल उठाते हैं, लेकिन यह निवेश प्रयागराज के संपूर्ण पुनरुद्धार के लिए किया गया है। महाकुम्भ पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन इसके बदले में उत्तर प्रदेश को तीन लाख करोड़ रुपये का लाभ होने जा रहा है। यह आयोजन पर्यटन और व्यापार को भी बड़ा प्रोत्साहन देगा।
     रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में 4 लेन के दो प्रमुख फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इनमें 270 करोड़ रुपये की लागत से बना इंदिरा नगर सेक्टर 25 से खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर (3 किमी) और 170 करोड़ रुपये की लागत से बना पॉलिटेक्निक से मुंशी पुलिया चौराहा फ्लाईओवर (2 किमी) शामिल हैं। कार्यक्रम में कुल 588 करोड़ रुपये की 114 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया।
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ को 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसमें 440 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं और करीब 600 करोड़ रुपये की विभिन्न राज्य परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को मेट्रो शहरों की तरह विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
    योगी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना को आगे बढ़ाने से लेकर झांसी में बड़े प्रोजेक्ट्स को लाकर यूपी को डिफेंस निर्माण का केंद्र बनाने में रक्षा मंत्री का योगदान अमूल्य है।
      लखनऊ के समग्र विकास पर चर्चा करते हुए उन्होने बताया कि स्टेट कैपिटल रीजन की तर्ज पर लखनऊ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। ग्रीन कॉरिडोर, किसान पथ, इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर और इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं लखनऊ को विश्व स्तरीय शहर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ते हुए लखनऊ को ट्रांसपोर्ट हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
     मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में चल रहे महाकुम्भ के ऐतिहासिक आयोजन को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं, जो उत्तर प्रदेश की शक्ति और व्यवस्थागत कुशलता को दर्शाता है।
      उन्होंने कहा कि आज महाकुम्भ में लोगों की सैंकड़ों वर्षों से दबी हुई भावनाओं को सम्मान मिल रहा है। योगी ने कहा कि महाकुम्भ का आयोजन स्थल रक्षा मंत्रालय की भूमि पर होता है और पिछले आठ वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार को यह भूमि लीज पर सहजता से प्राप्त हो रही है। इस बार पहली बार श्रद्धालु अक्षयवट, पातालपुरी और सरस्वती कूप के दर्शन कर पा रहे हैं, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से सीमित पहुंच में रखा गया था।
     योगी ने कहा कि महाकुम्भ में असाधारण भीड़ को संभालने के लिए सड़क मार्ग, रेलवे और वायु मार्ग से बेहतरीन कनेक्टिविटी दी गई है। 40 रेगुलर फ्लाइट्स प्रयागराज को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ रही हैं, वहीं रेलवे द्वारा सैकड़ों मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। सड़क मार्ग से सबसे अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं और इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा स्वीकृत विभिन्न सड़क परियोजनाओं ने अहम भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया और सुचारू व्यवस्थाओं के कारण कोई अव्यवस्था नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक दक्षता का परिणाम है।
     उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 जनवरी को प्रयागराज में सामूहिक स्नान कर महाकुम्भ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महाकुम्भ जैसे आयोजनों को सुगम बनाने के साथ-साथ प्रयागराज की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।

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