
लखनऊ 24 दिसंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मंशा बाबा साहब डा भीमराव आंबेडकर के संविधान को बदलने की है।
लोहिया सभागार में एकत्र कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुये उन्होने कहा कि देश की एकता, अखंडता, भाईचारे, सामाजिक न्याय और खुशहाली के लिए बाबा साहब के विचारों और उनके बताए रास्ते पर चलना होगा। बाबा साहब का संविधान पीडीए की ताकत और संजीवनी है जबकि भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों की मंशा बाबा साहब के संविधान को बदलने की है। भाजपा बाबा साहब और उनके बनाए संविधान का सम्मान नहीं करती है। भाजपा कभी भी बाबा साहेब को स्वीकार नहीं कर सकती है। भाजपा जितना ताकतवर होगी संविधान पर उतना बड़ा हमला करेगी।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब के संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। पार्टी संविधान और लोकतंत्र पर होने वाले हर हमले का मुकाबला करेगी और संविधान और लोकतंत्र विरोधी ताकतों को परास्त करेगी।
उन्होने कहा कि सपा देश की इकलौती पार्टी है जिसके नाम में वही समाजवाद हैं जो हमारे संविधान की प्रस्तावना में है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रवैया तानाशाही है। किसान अपनी मांगों को लेकर धरना और आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन इस सरकार को किसानों की पीड़ा न सुनाई दे रही है और नहीं दिखाई पड़ रही है।
श्री यादव ने कहा कि इसी तरह से नौजवान नौकरी और रोजगार के लिए परेशान हैं। व्यापारी दोषपूर्ण जीएसटी से त्रस्त हैं। महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। विपक्षी नेताओं पर झूठे मुकदमें लगाकर उन्हें परेशान किया जाता है। राजा और सरकार को तानाशाह नहीं होना चाहिए सरकार का उद्देश्य लोककल्याण और समाज को जोड़ना होना चाहिए लेकिन भाजपा समाज में नफरत फैलाती है। भेदभाव करती है।