
लखनऊ 26 दिसंबर। बिजली के निजीकरण के विरोध में देश भर में लामबंद हो रहे बिजली कर्मचारी एक जनवरी को काला दिवस मनायेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने बताया कि बिजली के निजीकरण के विरोध में एक जनवरी को प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी और अभियंता पूरे दिन काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। निजीकरण के विरोध में एक जनवरी को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बिजली पंचायत का दौर जारी है और 27 दिसंबर को गोरखपुर में बिजली पंचायत का आयोजन किया गया है।इसके बाद 29 दिसंबर को झांसी में और 5 जनवरी को प्रयागराज में बिजली पंचायत आयोजित की जाएगी।
संघर्ष समिति ने कहा कि झूठे आंकड़े और भय का वातावरण बनाकर बिजली के निजीकरण की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष बिजली के निजीकरण का चौतरफा विरोध होते देख बौखला गए हैं और उन्होंने बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं को अनावश्यक तौर पर दंडित कर भय का वातावरण बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मचारी कार्य में कोई व्यवधान नहीं होने दे रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति पूरा विश्वास बनाए रखते हुए बिजली व्यवस्था के सुधार में प्राणपण से लगे हैं मगर पॉवर कारपोरेशन के अध्यक्ष वातावरण को बिगड़ने में लगे हैं और अनावश्यक तौर पर बिजली कर्मचारियों को उत्तेजित कर रहे हैं।