एससीआर की तर्ज पर बनेंगे प्रयागराज-चित्रकूट और वाराणसी-विंध्य विकास क्षेत्र

एससीआर की तर्ज पर बनेंगे प्रयागराज-चित्रकूट और वाराणसी-विंध्य विकास क्षेत्र

महाकुम्भ नगर, 22 जनवरी। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) की तर्ज पर दो नए विकास क्षेत्र बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
      मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को यहां अरैल क्षेत्र में संगम की रेती पर मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया है। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी साझा की जिसके अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक विकास को प्रशस्त करने के लिए स्वीकृत किये गये ‘मास्टर प्लान’ के तहत चित्रकूट-प्रयागराज और प्रयागराज वाराणसी लिंक एक्सप्रेस वे बनाये जायेंगे वहीं गंगा और यमुना नदी पर दो बड़े पुलों का भी निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि 144 वर्ष के अंतराल पर प्रयागराज में महाकुम्भ के शुभ संयोग पर महाकुम्भ नगर में मंत्रिमंडल  की अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें चित्रकूट, प्रयागराज, मीरजापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रयागराज-चित्रकूट डेवलेपमेंट रीजन को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत कर लिया गया है। यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा और इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में वाराणसी-विंध्य डेवलपमेंट रीजन के विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए विशेष योजनाओं पर काम किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं प्रदेश की बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेंगी और आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
     उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज से मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली और गाजीपुर तक विस्तार दिया जाएगा। यह नया लिंक एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। इसके अलावा वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र को जोड़ने के लिए नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इन दोनों प्रोजेक्ट को ‘प्रयागराज-विंध्य-काशी एक्सप्रेसवे’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
    श्री योगी ने कहा कि यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज के समानांतर एक नए सिक्स लेन पुल के निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही सलोरी-हेतापट्टी-झूंसी के बीच फोर लेन ब्रिज की मंजूरी दी गई है, जो प्रयागराज को मीरजापुर, जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर से जोड़ेगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया है। साथ ही रीवा नेशनल हाईवे से कनेक्टिविटी के लिए कार्य योजना को मंजूरी दी गई है।

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