
महाकुंभ नगर 28 जनवरी । महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन के लिहाज से देश दुनिया में रोल मॉडल बनने को तैयार उत्तर प्रदेश पुलिस बुधवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर फाइनल परीक्षा के लिये कमर कस चुकी है।
मेला प्रशासन ने मौनी अमावस्या के पर्व पर आठ से दस करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का अनुमान जताया है और सोमवार से संगम नगरी में उमड़ रहा जनसैलाब मेला प्रशासन के दावे की तस्कीद भी कर रहा है। सोमवार को ही करीब एक करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके है जिसको मिला कर आज सुबह तक महाकुंभ के अब तक के 17 दिनो में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 15 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है।
महाकुंभ मेला पूरी दुनिया में भीड़ प्रबंधन को लेकर कौतूहल का विषय बन चुका है। मेला क्षेत्र में कई विदेशी चैनल और समाचार पत्र इस मेले की कवरेज कर रहे हैं। मेला क्षेत्र में हजारों की संख्या में विदेशी सैलानी भी त्रिवेणी में पवित्र डुबकी लगा कर सनातन की व्याख्या खुले मन से कर रहे हैं।
भीड़ को देखते हुये जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र में पुलिस और एंबुलेंस को छोड़ कर सभी प्रकार के वाहनो का प्रवेश निषेध कर दिया है। जिले में कक्षा आठ तक के स्कूलों को 30 जनवरी तक बंद कर दिया गया है। प्रयागराज को जोड़ने वाले राजमार्ग पर भी वाहनों की तादाद में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुयी है और कई जगह पर जाम के हालात हो रहे हैं।
महाराष्ट्र,तेलंगाना,तमिलनाडु,पश्चिम बंगाल समेत देश के कोने कोने से श्रद्धालु बस,कार और ट्रेन के जरिये प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये दर्जनों स्पेशल ट्रेन चलायी है जबकि उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने कई रुटों की बसों को प्रयागराज के लिये लगा दिया है। इसके बावजूद बस ट्रेन में तिल रखने की जगह नहीं बची है।
शहर और मेला क्षेत्र में यातायात को सुव्यवस्थित रखने के लिये पुलिस के जवान रात दिन एक किये हुये हैं। कई मौकों पर कई किमी का पैदल रास्ता तय कर रहे श्रद्धालु संयम खोकर पुलिसकर्मियों से उलझते दिखायी दिये जबकि पुलिस कर्मी संयम और धैर्य का परिचय देते हुये उन्हे समझाने का प्रयास करते दिखे। पुलिस ने जिले की सीमा के हर छोर पर बैरीकेडिंग लगा दी है और वाहन चालकों को परिवर्तित मार्ग से जाने की सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद वाहन शार्टकट से निकालने की फिराक में शहर की गलियों में भी जाम के हालात बन रहे हैं।
मेला क्षेत्र में स्नानार्थियों को स्नान ध्यान के बाद उसी रास्ते से वापस जाने के निर्देश दिये जा रहे हैं ताकि अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके। प्रयागराज को जोड़ने वाले सभी राजमार्गो पर होटल ढाबों पर सैलानियों की रौनक है। जगह-जगह रूट डायवर्जन के बावजूद यातायात नियंत्रण चुनौती बना हुआ है।