
नयी दिल्ली, 20 मई । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा है कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और इन हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की अपनी नीति पर दृढता से कायम है लेकिन वह परमाणु ब्लैकमेल को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा।श्री सिंह ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के सोल में एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की छवि में पहले की तुलना में बहुत बदलाव आया है और अब वह दुनिया में मुद्दों के समाधान देने वाली शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने भाषण के अंश साझा करते हुए कहा, ” पहले और आज के भारत में स्पष्ट अंतर है। कभी दुनिया भारत को केवल एक सॉफ्ट पावर के रूप में देखती थी, लेकिन आज दुनिया भारत को समाधान देने वाली शक्ति के रूप में देख रही है।”
दुनिया भर में विभिन्न टकरावों के दौरान परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका के बीच उन्होंने कहा ,” भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और ‘नो फर्स्ट यूज़’ की नीति पर दृढ़ता से प्रतिबद्ध है लेकिन भारत किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल को कभी स्वीकार नहीं करेगा।” श्री सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के दौरान देश में रक्षा क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है। भारत की नीति अब ‘रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव है ‘ और राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इसी संकल्प के साथ भारत स्वदेशी रक्षा निर्माण को तेज़ी से बढ़ावा दे रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार ने आत्मनिर्भरता पर बल दिया है तथा सामाजिक न्याय को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में हुए बदलावों ने देश का यह विश्वास और मजबूत किया है कि भारत निश्चित रूप से विकसित बन रहा है।