
नयी दिल्ली, 20 मई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।श्री प्रधान ने अधिकारियों को फर्जी जानकारी, दुष्प्रचार और अफवाह फैलाने वाले चैनलों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक और हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने कहा कि छात्रों को भ्रामक सूचनाओं से बचाना और परीक्षा प्रणाली में जनता का भरोसा बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम और सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया।बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और एनटीए के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संभावित कमजोरियों की पहचान और समय रहते निवारक एवं सुधारात्मक कदम उठाने पर चर्चा की।
इसके समानांतर शिक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स मेटा , गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं, खासकर टेलीग्राम चैनलों और गुमनाम ऑनलाइन समूहों के जरिए फैलाए जा रहे फर्जी पेपर लीक दावों पर गंभीर चिंता जताई गई।इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि बड़ी परीक्षाओं से पहले कई संदिग्ध चैनल अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं और फर्जी जानकारी तथा अपुष्ट दावों के जरिए छात्रों और अभिभावकों में डर और भ्रम पैदा करते हैं। कई लिंक यूजर्स को ऑटोमेटेड बॉट्स और फर्जी समूहों तक पहुंचाते हैं, जिनका उद्देश्य गलत सूचनाओं को तेजी से फैलाना होता है।