‘नौतपा’ में धरती के ताप को थामने आयेंगे पानी भरे बादल

‘नौतपा’ में धरती के ताप को थामने आयेंगे पानी भरे बादल

लखनऊ, 25 मई । प्रचंड गर्मी और भीषण ‘लू’ का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश में सप्ताह के मध्य तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इस बीच राज्य में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप सोमवार को भी जारी रहा। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को राहत मिलने के संकेत दिए हैं। हालांकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हीटवेव से लेकर भीषण हीटवेव तक की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बांदा में 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा झांसी में 46.0, उरई में 45.8, आगरा में 45.5 और प्रयागराज में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वाराणसी बीएचयू में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री और गाजीपुर में 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रह सकता है, लेकिन 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूलभरी तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने से लोगों को भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है जबकि 28 मई को पूरे राज्य में गरज चमक के साथ बारिश के आसार है।

मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी प्रभाव आधारित चेतावनी में कहा गया है कि हीटवेव के कारण सभी आयु वर्ग के लोगों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हीट रैश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से मजदूरों, किसानों, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोगों के लिए जोखिम अधिक है। पशुधन और खड़ी फसलों पर भी गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने तथा ओआरएस, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करने की सलाह दी है। पशुपालकों को दोपहर में जानवरों को खुले में न छोड़ने और उन्हें छायादार स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

कृषि मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार तेज गर्मी का असर गन्ना, मक्का, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी तथा सब्जियों की फसलों पर पड़ सकता है। फसलों में नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई, मल्चिंग और सूक्ष्म पोषक तत्वों के छिड़काव की सलाह दी गई है। वहीं संभावित आंधी, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की स्थिति में फसलों को सहारा देने, जल निकासी की व्यवस्था रखने और क्षतिग्रस्त पौधों को हटाने की सलाह दी गई है।

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