एनटीए के बर्खास्त 47 अधिकारियों की संपत्ति की होगी जांच: योगी

एनटीए के बर्खास्त 47 अधिकारियों की संपत्ति की होगी जांच: योगी

फतेहपुर, 25 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के बर्खास्त 47 अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नकल माफिया, भूमाफिया और शिक्षा माफिया के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री फतेहपुर के एयरपोर्ट मैदान में आयोजित कार्यक्रम में 489 विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक वर्ष में 12 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में नौ लाख युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी है।मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय विकास के लिए मिलने वाले संसाधनों का दुरुपयोग किया जाता था और युवाओं को रोजगार तथा प्रदेश के विकास को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा चिंता का विषय थी, जबकि वर्तमान सरकार में बेटियां निर्भय होकर आवागमन कर रही हैं।

उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अपराध और माफिया तंत्र के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने दोहराया कि माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर उन्हें “मिट्टी में मिला दिया जाएगा।”मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानी एवं पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी तथा 52 क्रांतिकारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि फतेहपुर अब आकांक्षी जनपद की श्रेणी से बाहर आ चुका है और जिले में विकास कार्यों ने नई गति प्राप्त की है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 1990 में लखनऊ में पार्टी कार्यालय के लिए भूमि खरीदी थी, जिस पर अवैध कब्जा कर लिया गया था। वर्तमान सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई के माध्यम से उस भूमि को कब्जामुक्त कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन और स्थिर सरकार होने से विकास कार्यों को गति मिलती है तथा कानून-व्यवस्था मजबूत होती है।खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री निर्धारित समय से लगभग 40 मिनट विलंब से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उल्लेखनीय है कि अपने पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर का कोई उल्लेख नहीं किया

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