
आगरा, 25 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा में जनपद के विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने पर विशेष बल दिया।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों में किए गए उपचार और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी भुगतानों का सत्यापन कराते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से टीबी उन्मूलन अभियान में निक्षय मित्र बनकर जनपद को टीबी मुक्त बनाने में योगदान देने की भी अपील की।
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल चलो अभियान, नए नामांकन तथा विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से ड्रेस, किताब और बैग के लिए भेजी गई धनराशि की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन अभिभावकों के खातों में धनराशि पहुंच चुकी है, उनके साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया जाए कि राशि का उपयोग बच्चों की आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीदने में हो। उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सभी अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधन और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर सभी मानकों पर प्रभावी कार्य करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने गौ-आश्रय स्थलों में कार्यरत कर्मचारियों को समय से वेतन भुगतान तथा गौशालाओं के संचालन के लिए समय पर धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण अभियान के तहत लगाए गए पौधों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फुटपाथों पर खाद्य सामग्री बेचने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के विस्थापित न किया जाए। उनके पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थानों पर वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं।
जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उन्हें पूर्व स्थिति के अनुरूप बहाल किया जाए। यदि सीसी सड़क तोड़ी गई है तो उसी गुणवत्ता की सीसी सड़क दोबारा बनाई जाए। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, कार्य संतोषजनक न होने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए।
लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों का शीर्ष प्राथमिकता पर समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को जनसुनवाई को प्राथमिकता देने तथा जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से जनता से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। आईजीआरएस और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि इससे सड़कों को नुकसान पहुंचता है और इसकी भरपाई संबंधित लोगों से कराई जाए। उन्होंने आगरा में संचालित टैम्पो, थ्री-व्हीलर और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कर बाहरी और आपराधिक तत्वों की पहचान करने के भी निर्देश दिए। साथ ही शहर को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने, सीएम ग्रिड योजना की सड़कों को समय पर पूरा करने तथा प्रभावी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में लेदर उत्पाद उद्योग तथा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में निवेश और उद्योग विस्तार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर के क्षेत्रीय केंद्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसानों के लिए नियमित कॉन्क्लेव आयोजित करने तथा उन्हें गुणवत्ता, वैल्यू एडिशन और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों को किसानों के लिए डीएपी, यूरिया तथा अन्य उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद की कमी संबंधी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमि अधिग्रहण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन किसानों को अधिग्रहीत भूमि का भुगतान अभी तक नहीं मिला है, उन्हें वर्तमान प्रचलित दरों के अनुसार भुगतान किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर नई विकास योजनाएं तैयार करने को कहा।
आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा सामाजिक सद्भाव और समरसता का प्रतीक है तथा शासन-प्रशासन सहित समाज के सभी वर्गों को इसके सफल और शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग करना चाहिए।
बैठक में केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, होमगार्ड्स राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति सहित जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।