
नयी दिल्ली, 25 मई। केंद्र सरकार ने पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों को रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर जमा कराने पर ट्रांसफर वाउचर का विकल्प प्रदान किया है जिससे वे भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में जाने पर अपना एलपीजी कनेक्शन बरकरार रख सकेंगे।सरकार ने इस साल मार्च में जारी आदेश में संशोधन के लिए सोमवार को एक अधिसूचना जारी की। इसमें पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों को पीएनजी कनेक्शन लगने के 30 दिन के भीतर एलपीजी कनेक्शन छोड़ने या गैर-पीएनजी क्षेत्र में भविष्य में एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए ट्रांसफर वाउचर लेने का विकल्प दिया गया है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी की उपलब्धता में कमी के बाद सरकार ने गत 14 मार्च को जारी पिछले आदेश में बदलाव कर लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने के प्रोत्साहित करने की कोशिश की है। मंत्रालय ने कहा है कि इस संशोधन का उद्देश्य पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने वाले घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को अतिरिक्त छूट और सुविधा प्रदान करना है।यह संशोधन उन उपभोक्ताओं को काफी राहत देगा जो भविष्य में ऐसे क्षेत्रों में स्थानांतरित हो सकते हैं जहां पीएनजी का बुनियादी ढांचा उपलब्ध न हो। विशेष रूप से जिनकी नौकरी में तबादले होते रहते हैं, प्रवासी परिवारों, किरायेदारों, छात्रों और/या गैर-पीएनजी क्षेत्रों में स्थानांतरित होने वाले परिवारों के लिए यह लाभदायक होगा।
पिछले आदेश में सरकार ने पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखने वाले ग्राहकों को “तत्काल” एलपीजी कनेक्शन छोड़ने का आदेश दिया था। उसमें ट्रांसफर वाउचर जैसी सुविधा के जरिये भविष्य के लिए कनेक्शन सुरक्षित रखने का विकल्प नहीं दिया गया था। इस कारण कई ऐसे लोग एलपीजी सिलेंडर जमा करने से कतरा रहे थे जिन्हें आशंका थी कि आगे नया कनेक्शन लेने के लिए उन्हें परेशानी उठानी होगी और बढ़े हुए शुल्क देने होंगे।