
बेरूत/यरुशलम, 26 मई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि उन्होंने पिछले महीने आधिकारिक तौर पर लागू हुए युद्ध विराम के बावजूद हिजबुल्ला को कुचलने के मकसद से बड़े हमले का आदेश दिया है।सोमवार को दक्षिणी और पूर्वी लेबनान पर इजरायल के ताजा हवाई हमलों के बीच श्री नेतन्याहू ने ऑनलाइन वीडियो बयान जारी कर कहा, “मैंने अपने अभियानों की गति को और अधिक बढ़ाने का आदेश दिया है।” उन्होंने कहा, “यह सच है कि वे हम पर ड्रोन से हमले कर रहे हैं। इनमें फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन भी शामिल हैं। हमारी टीमें इसके जवाबी उपायों पर काम कर रही हैं। हम इसका समाधान कर लेंगे। हम अपने हमलों को और तेज करेंगे। मारक क्षमता बढ़ायेंगे और उन्हें कुचल देंगे।”
इजरायल के इस आक्रामक रुख के कारण लेबनान में बड़े पैमाने पर दहशत फैल गयी और लोग भागकर बेरूत के दक्षिणी उपनगरों की ओर जाने लगे, जो हिजबुल्ला का गढ़ माना जाता है।लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, देश के दक्षिणी क्षेत्र में कस्बों और गांवों को निशाना बनाकर किये गये हमलों के बाद इजरायल ने सोमवार शाम को पूर्वी लेबनान की बेका घाटी में एक के बाद एक कई सिलसिलेवार हमले किये।लेबनानी मीडिया के मुताबिक, दिन के शुरुआती घंटों में दो कारों और एक मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर किये गये अलग-अलग हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गये। इसके बाद प्राचीन तटीय शहर टायर के पास हुए हमलों ने तबाही को और बढ़ा दिया। बचाव कर्मियों ने बताया कि बेका घाटी के एक गांव पर रात भर हुए हमले में मलबे से शवों को निकाले जाने के बाद 12 लोगों की मौत हो गयी। इजरायली सेना ने उस विशेष हमले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन पुष्टि की कि वह पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही थी। तनाव में यह बढ़ोतरी इजरायल के हिजबुल्ला पर लगातार ड्रोन और रॉकेट हमलों के जरिये युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाने और 10 गांवों के लिए खाली करने की चेतावनी जारी करने के बाद हुई है।युद्धविराम के 17 अप्रैल को घोषित होने के बावजूद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगभग हर दिन लड़ाई जारी रही है। इसने चल रही अमेरिका-ईरान वार्ताओं को और अधिक जटिल बना दिया है। हिजबुल्ला ने दक्षिणी लेबनान में तैनात इजरायली बलों और उत्तरी इजरायल के कस्बों पर हमले जारी रखे हैं। उसका जोर इस बात पर है कि जब तक इजरायल अपने हवाई हमले बंद नहीं कर देता और लेबनानी क्षेत्र से अपने सैनिकों को पूरी तरह से नहीं हटा लेता, तब तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
हिंसा का यह ताजा दौर लेबनानी और इजरायली सैन्य प्रतिनिधिमंडलों के अमेरिका में सीधी बातचीत करने से ठीक कुछ दिन पहले शुरू हुआ है। यह वार्ता सीमा को स्थिर करने और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका समर्थित प्रयासों का हिस्सा है। लेबनान सरकार को उम्मीद है कि इन वार्ताओं से अंततः एक अधिक स्थायी युद्धविराम स्थापित हो सकेगा, हालांकि हिजबुल्ला ने इजरायल के साथ सीधी बातचीत का विरोध किया है।आईडीएफ और इस चरमपंथी समूह के बीच छिड़ी इस जंग के कारण पूरे लेबनान में अब तक दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। यह लड़ाई तब शुरू हुई थी, जब इस संगठन ने दो मार्च को उत्तरी इजरायल में रॉकेट दागे थे और इसे ईरान युद्ध की शुरुआत के दौरान ईरान के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने का कदम बताया था।