कसौली में आग बुझाने के लिए वायु सेना ने दिन-रात चलाया अभियान

कसौली में आग बुझाने के लिए वायु सेना ने दिन-रात चलाया अभियान

नयी दिल्ली 30 जून। हिमाचल प्रदेश में कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए वायु सेना के हेलिकॉप्टरों ने दिन- रात अभियान चलाकर भीषण आग को बड़ी आपदा बनने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि वायु सेना को मंगलवार को कसौली के पास जंगल में आग लगने की जानकारी मिली जिसके बाद स्थिति का जायज़ा लेने के लिए तुरंत एक चीता हेलीकॉप्टर भेजा गया। इसके बाद नागरिक अधिकारियों की सहायता से भीषण आग से निपटने के लिए एमआई-17 वी 5 हेलिकॉप्टरों को इस अभियान में लगाया गया।

सोलन ज़िले के कसौली बीट क्षेत्र में लगभग 10 हेक्टेयर इलाके में फैली इस भीषण आग से रिहायशी इलाकों, महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे और सैन्य प्रतिष्ठानों को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।राज्य प्रशासन, राज्य वन विभाग, भारतीय सेना और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते हुए, वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने आग को काबू करने और बुझाने के लिए लगातार ‘बैम्बी बकेट’ ऑपरेशन चलाए। इसके लिए चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी लिया गया और हर उड़ान में लगभग 2,000 से 2,500 लीटर पानी आग पर छिड़का गया।

इस अभियान में दिन-रात लगातार आग बुझाने के प्रयास किए गए, और प्रभावित क्षेत्र पर 93,000 लीटर से ज़्यादा पानी गिराया गया। इस तेज़ और समन्वित कार्रवाई ने आग को एक बड़ी आपदा बनने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।

वायु सेना के इतिहास में पहली बार, ‘नाइट विज़न गॉगल्स’ का इस्तेमाल करके रात में भी ‘बैम्बी बकेट’ अभियान सफलतापूर्वक चलाए गए। पहाड़ी इलाकों में, जहां दृश्यता का स्तर बहुत कम होता है वहां अभियानों को पूरा करने के लिए असाधारण उड़ान कौशल, सटीकता और ऑपरेशनल विशेषज्ञता की ज़रूरत थी। रात में आग बुझाने के अभियानों में स्वाभाविक रूप से जुड़े जोखिमों के बावजूद, चालक दल की पेशेवर शैली, साहस और समर्पण की बदौलत यह अभियान सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरे किए गए।हवाई अभियानों में सहायता करते हुए, ज़मीन पर कर्मचारियों ने खराब मौसम की स्थिति में भी बिना थके काम किया, ताकि हेलिकॉप्टरों की सर्विसिंग और उन्हें दोबारा उड़ान के लिए तैयार करने का काम तेज़ी से हो सके, जिससे चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के आग बुझाने के अभियान चलते रहे।

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