
सहारनपुर, 2 जून। मां शाकुम्बरी देवी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1410 मीटर लंबा तथा लगभग साढ़े 11 मीटर चौड़ा एलिवेटेड ब्रिज साल के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक एवं अधिशासी अभियंता सुधीर भारद्वाज ने बताया कि परियोजना के तहत वर्तमान में वेल फाउंडेशन (कुएं की नींव) का निर्माण कार्य जारी है।उन्होंने बताया कि लगभग 46.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एलिवेटेड ब्रिज भूरा देव मंदिर से मां शाकुम्बरी देवी मंदिर तक बनाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत दो प्रमुख पुलों का निर्माण होगा, जिन्हें जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग भी विकसित किया जाएगा। पूरा ढांचा उस खोल (जलधारा क्षेत्र) के ऊपर निर्मित होगा, जहां वर्षा ऋतु में तेज जलप्रवाह और जलभराव की समस्या रहती है।परियोजना के तहत खोल के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग और चैनलाइजेशन का कार्य भी कराया जाएगा, जिससे बरसात के दौरान जल प्रवाह नियंत्रित रह सके। निर्माण अवधि में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी तथा भूरा देव मंदिर के निकट पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी।
मां शाकुम्बरी देवी के प्रति विशेष श्रद्धा रखने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाल के महीनों में कई बार सहारनपुर दौरे के दौरान मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को रोका नहीं जा सकता, लेकिन तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।
इस बीच प्रशासन ने मां शाकुम्बरी देवी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। बेहट के एसडीएम मानवेंद्र सिंह के अनुसार वर्तमान में मंदिर परिसर के सामने पुलिस चौकी संचालित है, लेकिन जल्द ही भूरा देव क्षेत्र के निकट उपयुक्त भूमि चयनित कर नए थाने की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने 28 मई की रात हुई घटना में प्रभावित दुकानदारों को राहत दिलाने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन के अनुसार नुकसान का आकलन कर पात्र दुकानदारों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी सहजानंद सरस्वती से भी मुलाकात की। उन्होंने स्वामी सहजानंद को सम्मानपूर्वक समीक्षा बैठक में भी शामिल किया। स्वामी सहजानंद, ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रमुख शिष्यों में गिने जाते हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री और विभिन्न धार्मिक हस्तियों के संबंधों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस दौरे में मुख्यमंत्री और स्वामी सहजानंद के बीच दिखाई गई आत्मीयता ने अनेक अटकलों को विराम देने का काम किया। दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद और सम्मानजनक व्यवहार धार्मिक एवं सामाजिक समन्वय का संदेश देता दिखाई दिया।