ज्ञानवापी विवाद मामले में 21 वर्ष बाद सभी 14 आरोपी दोषमुक्त

ज्ञानवापी विवाद मामले में 21 वर्ष बाद सभी 14 आरोपी दोषमुक्त

वाराणसी, 3 जून । वर्ष 2005 में ज्ञानवापी क्षेत्र में हुए गहरे विवाद के मामले में वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं समेत कुल 14 आरोपियों को वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को दोषमुक्त कर दिया।मामले में दोषमुक्त हुए गुलशन कपूर ने बताया कि दो सितंबर 2005 को समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान जुमे की नमाज के समय मौलाना बातिन की सुरक्षा जांच को लेकर शुरू हुई मामूली कहासुनी धीरे-धीरे बवाल में बदल गई थी। इसमें सरकारी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा था। मामले की जांच में सपा शासन के दौरान कई बेगुनाह लोगों को फंसाया गया था। इसमें वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर गिरी, गुलशन कपूर समेत सात हिंदू और नौ मुस्लिम व्यापारियों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इस मामले को लेकर 21 वर्ष तक लंबी कानूनी लड़ाई चली। इस दौरान केंद्र में कांग्रेस सरकार और राज्य में सपा सरकार से मुलाकातें हुईं। मौलाना बातिन सहित कई प्रतिनिधिमंडलों ने सोनिया गांधी, तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर मुकदमा वापस लेने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।आखिरकार मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने भरोसा छोड़कर कानूनी लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया। वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, एड. गुलाम गौश खान और एड. आशिफ उमर की दलीलों को सुनते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने साक्ष्यों और गवाहियों के परीक्षण के बाद सभी 14 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *