
कुवैत सिटी, 03 जून । कुवैत ने ईरान की ओर से किये गये ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में उसके दो राजनयिकों को “पर्सोना नॉन ग्रेटा” (अवांछित व्यक्ति) घोषित किया है।कुवैत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि उसने कुवैत में ईरानी दूतावास के कार्यवाहक प्रभारी को तलब किया और एक औपचारिक विरोध पत्र सौंपा। मंत्रालय ने ईरानी राजनयिक मिशन का आकार घटाने के फैसले की भी घोषणा की। मंत्रालय ने कहा कि दोनों राजनयिकों को 24 घंटे के भीतर कुवैत छोड़ने का आदेश दिया गया है।
कुवैत ने ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उसे अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का ‘पूर्ण और स्वाभाविक अधिकार’ प्राप्त है। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईारजीसी) द्वारा किए गए हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 63 अन्य घायल हो गये। इसके साथ ही राजनयिक सुविधाओं सहित प्रमुख बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।कुवैत ने कहा कि वह इन हमलों का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और कम से कम 63 अन्य घायल हो गये। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हवाई अड्डे के कर्मचारियों और यात्रियों सहित कम से कम 63 लोग घायल हुए। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि हमले के दौरान हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और आस-पास की राजनयिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। एक व्यक्ति की मौत हो गयी, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
इसके अलावा, इस घटना के बाद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सात लोगों को आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता है।कुवैती समाचार एजेंसी कुना के अनुसार, हवाई अड्डे के टर्मिनल एक को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके कारण सभी उड़ान संचालन को निलंबित करना पड़ा। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद टर्मिनल 4 से सेवाएं फिर से शुरू की गईं। कुवैती सेना ने बताया कि उसने भोर से अब तक 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया (इंटरसेप्ट किया), हालांकि उनका मलबा कई आवासीय क्षेत्रों में गिरा। इन हमलों की पूरे क्षेत्र में तत्काल निंदा की गई। सऊदी अरब ने बुधवार को बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का “स्पष्ट उल्लंघन” करार दिया।
एक बयान में, विदेश मंत्रालय ने बहरीन और कुवैत की संप्रभुता के खिलाफ ईरान के हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले “अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन” हैं और इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को कमज़ोर करते हैं।