
वॉशिंगटन, 15 जुलाई । अमेरिका ने ईरानी व्यवसायी मोहम्मद हुसैन शामखानी से जुड़े 50 से ज़्यादा लोगों, कंपनियों और जहाजों पर नये प्रतिबंधों की घोषणा की है।अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि इन कदमों का मकसद एक बड़े शिपिंग और वित्तीय नेटवर्क को रोकना है, जो ऑफशोर कंपनियों, कंटेनर शिपिंग ऑपरेशन्स और कमोडिटी ट्रेडिंग के ज़रिए ईरान के तेल व्यापार को सहयोग करता है।
वित्त अधिकारियों ने कहा कि शामखानी का नेटवर्क ईरान की प्रतिबंधों से बचने की गतिविधियों के लिए एक अहम ज़रिया बन गया है, जिससे सरकार को कमाई होती है, जबकि ईरानी जनता आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही है। ये प्रतिबंध कार्यकारी आदेश 13902 के तहत लगाये गये हैं, जो ईरान की अर्थव्यवस्था के मुख्य सेक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की इजाज़त देता है।अमेरिका ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर गैर-कानूनी हमलों के बीच ईरानी सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के तहत, अमेरिका, मोहम्मद हुसैन शामखानी के गैर-कानूनी जहाजों और प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क को रोकने और कमज़ोर करने के लिए कदम उठा रहा है। शामखानी को अमेरिका ने प्रतिबंधित किया है और उनका नेटवर्क ईरान के तेल निर्यात में बड़ी भूमिका निभाता है।
शामखानी नेटवर्क प्रतिबंधों से बचने की योजनाओं को अंजाम देने के लिए ईरानी और विदेशी नागरिकों और कंपनियों का इस्तेमाल करता है। यह नेटवर्क प्रतिबंधित सामानों का व्यापार करने और उस व्यापार से हुई कमाई को हासिल करने के लिए ऑफशोर शेल कंपनियों का भी इस्तेमाल करता है, जो इस नेटवर्क की क्षमता के लिए बहुत ज़रूरी हैं।वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) के अनुसार, शामखानी का नेटवर्क प्रतिबंधित सामानों को इधर-उधर करने, भुगतान प्रणाली और प्रतिबंधित व्यापार से हुई कमाई को छिपाने के लिए ईरानी और विदेशी नागरिकों, ऑफशोर शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय जहाज कंपनियों का इस्तेमाल करता है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह नेटवर्क तेल निर्यात से आगे बढ़कर वैश्विक कंटेनर शिपिंग और कमोडिटी ट्रेडिंग तक फैल गया है। इसने एक बड़ा रसद और वित्तीय सिस्टम बनाया है जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की व्यापारिक गतिविधियों को सहयोग करता है।वित्त विभाग ने ऐसे कई लोगों की पहचान की है जिन पर शमखानी के नेटवर्क को वित्तीय या रसद का सहयोग देने का आरोप है। जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें हुसैन घोरबानी ज़ाहेद और मोहम्मद रज़ा रहबर मदानी शामिल हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ कंपनियों ने ईरान समर्थित समूहों से जुड़े व्यापार सहित वैध और अवैध दोनों तरह के कार्गो की आवाजाही में मदद की है।