कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला, दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराये : ईरान

कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर हमला, दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराये : ईरान

तेहरान, 17 जुलाई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के ताजा हमलों के जवाब में ‘ऑपरेशन नस्र-2’ के आठवें चरण के तहत कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया तथा दो अमेरिकी ड्रोन भी मार गिराये।ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, आईआरजीसी ने कहा कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस बल ने बुधवार रात ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों और शहरों पर हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में संयुक्त कार्रवाई की है। आईआरजीसी के बयान में दावा किया गया कि इस अभियान में कुवैत के अली अल-सलेम सैन्य अड्डे पर तैनात सी-रैम प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा उस स्थान को भी निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।बयान में कुवैत की भूमि का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किये जाने की आलोचना करते हुए कहा गया कि क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों से होने वाले किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब इसी प्रकार दिया जाता रहेगा।इस बीच, आईआरजीसी ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने खुजेस्तान प्रांत के अंदीमेश्क के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, बुधवार देर रात तैनात नई वायु रक्षा प्रणाली ने इस ड्रोन को निशाना बनाया। इससे पहले बुधवार को ही बंदर अब्बास के ऊपर भी आईआरजीसी ने अमेरिकी ‘लुकास’ मॉडल का एक ड्रोन मार गिराने का दावा किया था।उधर, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया तो जवाब में पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया जाएगा। फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फकारी ने कहा, “यदि हमारे बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया तो क्षेत्र में जो भी बुनियादी ढांचा बचा है, उसे हम नष्ट कर देंगे।”उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति में अमेरिका जैसे बाहरी देश को होरमुज जलडमरूमध्य में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने इसे ईरान की “अटूट लाल रेखा” बताते हुए कहा कि किसी भी जवाबी कार्रवाई में ईरान “बराबरी का नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक व्यापक, कठोर और विनाशकारी प्रहार” करेगा।उल्लेखनीय है कि होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन होने के बावजूद दोनों देशों के बीच सैन्य हमले जारी हैं।

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