
वाशिंगटन, 04 जून। रिपब्लिकन के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान में आगे कोई भी सैन्य कार्रवाई करने से रोकने के लिए एक प्रस्ताव वॉर पावर्स रेजोल्यूशन (युद्ध शक्ति प्रस्ताव) को मंज़ूरी दे दी है।यह प्रस्ताव 215-208 मतों से पारित हुआ है। यह प्रस्ताव तब सफल हुआ जब चार रिपब्लिकन सदस्यों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस युद्ध के प्रति अपनी असहमति जताई। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था।
यह प्रस्ताव ट्रंप को ईरान से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के निर्देश देता है, जब तक कि कांग्रेस युद्ध की घोषणा न कर दे या सैन्य बल के इस्तेमाल को अधिकृत न कर दे।सदन के जिन चार रिपब्लिकन सदस्यों ने युद्ध शक्तियों वाले प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, उनमें मिशिगन के प्रतिनिधि टॉम बैरेट, ओहियो के वॉरेन डेविडसन, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक और केंटकी के थॉमस मैसी शामिल थे। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप बिना किसी साफ़ रणनीति के देश को एक लंबे संघर्ष में घसीट सकते हैं। साथ ही उन्होंने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमलों की शुरुआत के बाद से गैसोलीन, खाने-पीने की चीज़ों और दूसरे उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई।
इस प्रस्ताव का पारित होना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्हाइट हाउस पर ईरान युद्ध को समाप्त करने का दबाव बढ़ाता है, क्योंकि पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं और युद्ध के प्रति जनता का विरोध भी बढ़ गया है।
श्री ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों पर लगाम लगाने का सदन का यह चौथा प्रयास था। सीनेट ने मई में इसी तरह का एक प्रस्ताव आगे बढ़ाया था, लेकिन अभी तक उस पर पूरी तरह से मतदान नहीं हुआ है।कांग्रेस में ट्रंप के लिए यह एक और झटका था, भले ही सदन और सीनेट दोनों में उनकी पार्टी के पास मामूली बहुमत है। यह वोट इस प्रस्ताव को अपनाने के लिए था, जिसके तहत ट्रंप को अमरीकी सेना को वापस बुलाना होगा या इस संघर्ष के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी लेनी होगी।
व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव की अहमियत को खारिज करते हुए कहा है कि यह राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने का एक असंवैधानिक प्रयास है।