उप्र में टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को मिली रफ्तार

उप्र में टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना को मिली रफ्तार

लखनऊ, 08 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं परिधान विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने वाराणसी, अमरोहा, बरेली, संत कबीर नगर और बिजनौर में पांच बड़े टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क विकसित करने की योजना को गति दी है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन पांचों पार्कों के लिए कुल 326 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित की गई है। भूमि पार्सलों के हस्तांतरण को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है तथा सभी परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

योजना के तहत वाराणसी के रामना में 75 एकड़, अमरोहा में 79.825 एकड़, बरेली के बहेड़ी में 79.580 एकड़, संत कबीर नगर के मगहर में 39.490 एकड़ तथा बिजनौर के नगीना में 52.910 एकड़ भूमि पर पार्क विकसित किए जाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्राधिकरण गठन की अधिसूचना जारी की जा चुकी है और भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। राष्ट्रीय वस्त्र अनुसंधान संस्था (निटरा) द्वारा वाराणसी टेक्सटाइल पार्क की प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, जबकि शेष चार पार्कों की संशोधित प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए इन रिपोर्टों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

वाराणसी के रामना टेक्सटाइल पार्क के लिए संपर्क मार्ग निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है। सड़क निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध संबंधी कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा पार्क को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए 132 केवी उपकेंद्र, ट्रांसमिशन लाइन तथा 33 केवी विद्युत अवसंरचना विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

सरकार परियोजनाओं के विकास में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दे रही है। पर्यावरणीय स्वीकृति, भूजल उपयोग तथा वन विभाग की अनापत्ति से संबंधित प्रक्रियाएं जारी हैं। वहीं अन्य चार पार्कों के लिए मास्टर डेवलपर के चयन हेतु पीपीपी आधारित निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा। सरकार का मानना है कि संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल निर्माण, रेडीमेड परिधान, तकनीकी वस्त्र और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी

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