नीति आयोग बैठक में आंगनवाड़ी, एम्स, रोबोटिक्स क्लस्टर और सैटेलाइट की मांग

नीति आयोग बैठक में आंगनवाड़ी, एम्स, रोबोटिक्स क्लस्टर और सैटेलाइट की मांग

नई दिल्ली/लखनऊ, 11 जून । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं बैठक में भाग लिया। उन्होंने ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से 8 प्रमुख मांगें रखीं।मुख्यमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षित है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के 72 हजार सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्र अब बालवाटिका के रूप में संचालित हो रहे हैं। राज्य सरकार केंद्र की 11.84 लाख रुपये की लागत के अलावा 30.22 लाख रुपये खर्च कर 2,000 वर्गफीट में आधुनिक आंगनवाड़ी बना रही है।

उन्होंने भवन निर्माण लागत के पुनरीक्षण और खर्च का वहन केवल महिला एवं बाल विकास विभाग से करने का अनुरोध किया। टेक होम राशन की लागत का अंतिम संशोधन 2017 में हुआ था। सीएम ने इसकी लागत को थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ने की मांग की ताकि पोषण आपूर्ति बाजार दरों के अनुरूप रहे। उत्तर प्रदेश के 4,512 राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालय समग्र शिक्षा योजना से बाहर हैं। योगी ने इन्हें योजना में शामिल करने का अनुरोध किया ताकि ‘सबको शिक्षा, समान शिक्षा’ का लक्ष्य पूरा हो।आयुष्मान भारत योजना पर उन्होंने कहा कि 2018 से प्रीमियम 1,102 रुपये प्रति परिवार है, जबकि यूपी में वास्तविक लागत 2,900 रुपये तक पहुंच गई है। योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रीमियम बढ़ाकर 2,400 रुपये करने का प्रस्ताव भेजा है और शीघ्र निर्णय की मांग की। उन्होंने पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में भी एक-एक एम्स स्थापित करने का अनुरोध किया, क्योंकि एम्स गोरखपुर और रायबरेली ने पूर्वी-मध्य यूपी में स्वास्थ्य सेवा बदल दी है। सेमीकंडक्टर के बाद रोबोटिक्स और फोटोनिक्स में संभावनाओं का जिक्र करते हुए योगी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ में समर्पित ‘रोबोटिक्स क्लस्टर’ विकसित करने के लिए जमीन चिन्हित की गई है। इसके लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता मांगी गई। वज्रपात से होने वाली जन-धन हानि रोकने के लिए उन्होंने प्रदेश के लिए एक डेडिकेटेड सैटेलाइट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, ताकि समय रहते चेतावनी मिल सके।

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