आईआईटी कानपुर और बीएसएनएल ने स्वदेशी दूरसंचार को बढ़ावा देने के लिए किया रणनीतिक समझौता

आईआईटी कानपुर और बीएसएनएल ने स्वदेशी दूरसंचार को बढ़ावा देने के लिए किया रणनीतिक समझौता

कानपुर/नई दिल्ली, 11 जून। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर ने अगली पीढ़ी की दूरसंचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान, नवाचार, विकास, परीक्षण, कार्यान्वयन तथा व्यावसायीकरण के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग स्थापित करना है।एमओयू पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल तथा बीएसएनएल के पीजीएम जितेंद्र गर्ग ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. अभय करंदीकर, बीएसएनएल आईटीएस के सीएमडी ए. रॉबर्ट जे. रवि, बिसनौली सर्वोदय फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदिता बख्शी, बीईएस (आई) के अध्यक्ष सुनील सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और शोधकर्ता उपस्थित रहे।

संस्थान द्वारा जारी विज्ञप्ति में दावा किया गया कि यह साझेदारी आईआईटी कानपुर की अत्याधुनिक शोध एवं नवाचार क्षमताओं को बीएसएनएल के देशव्यापी दूरसंचार नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यापक परिचालन अनुभव के साथ जोड़ने का प्रयास है। इसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीकों के विकास, परीक्षण, कार्यान्वयन और व्यावसायीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सके।इस सहयोग का एक प्रमुख क्षेत्र डायरेक्ट-टू-मोबाइल (डी2एम) प्रसारण तकनीक होगा, जिसमें आईआईटी कानपुर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डी2एम तकनीक के माध्यम से मोबाइल फोन पर मल्टीमीडिया सामग्री सीधे प्रसारित की जा सकती है, जिससे पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क पर निर्भरता कम होगी। यह तकनीक शैक्षणिक सामग्री, जनहित से जुड़ी सूचनाएं, आपदा प्रबंधन संबंधी संदेश तथा आपातकालीन चेतावनियों को देशभर के करोड़ों नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उपयोगी साबित हो सकती है।

एमओयू के तहत दोनों संस्थान 4जी, 5जी तथा भविष्य की संचार तकनीकों, भारतनेट आधारित डिजिटल अनुप्रयोगों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित दूरसंचार विश्लेषण, डी2एम प्रसारण तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्वदेशी संचार प्रणालियों, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, जीपीयू एवं हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (एचपीसी) प्लेटफॉर्म, उन्नत वायरलेस प्रौद्योगिकियों, स्मार्ट अवसंरचना समाधानों, सुरक्षित डेटा संचार प्रणालियों, दूरसंचार अवसंरचना के बेहतर उपयोग तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसी उभरती तकनीकों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।बीएसएनएल और आईआईटी कानपुर मिलकर अनुसंधान परियोजनाओं, स्वदेशी तकनीक विकास, पायलट परियोजनाओं, प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (पीओसी), फील्ड ट्रायल, परीक्षण एवं सत्यापन तंत्र, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, स्टार्टअप सहयोग, बौद्धिक संपदा सृजन, मानकीकरण तथा व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीकी समाधानों के विकास के लिए एक सुदृढ़ ढांचा तैयार करेंगे।

यह पहल केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके माध्यम से देश में विकसित तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा और दूरसंचार क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने में सहायता मिलेगी।साझेदारी के अंतर्गत परामर्श सेवाएं प्रदान करना, नवाचारों का इनक्यूबेशन, व्यावसायिक उत्पादों एवं सेवाओं का विकास तथा सरकार, उद्योग, रणनीतिक क्षेत्रों और आम नागरिकों के लिए उन्नत तकनीकी समाधान तैयार करने जैसी गतिविधियां भी शामिल की जा सकती हैं।

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