
नयी दिल्ली, 11 जून। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव में 21 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गये हैं। इसके अलावा तीन राज्यों की तीन राज्यसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।झारखंड की दो तथा मिजोरम की एक सीट पर 18 जून को मतदान होगा। झारखंड की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा तथा भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी शामिल हैं। वहीं मिजोरम की एक सीट के लिए एमएनएफ के निवर्तमान सदस्य के. वनलालवेना और जेडपीएम समर्थित लालह्मिंगलियाना चुनाव मैदान में हैं।
राज्यसभा की जिन 21 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उनके लिए नाम वापस लेने की अंतिम तिथि गुरुवार थी। आठ राज्यों की 21 सीटों के लिए 21 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए और उनके विरुद्ध कोई अन्य प्रत्याशी मैदान में नहीं होने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के बाद तीन सीटों के लिए केवल तीन उम्मीदवार ही शेष बचे। इसके मद्देनजर तीनों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया। सुश्री नटराजन ने नामांकन पत्र रद्द किए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।
निर्विरोध निर्वाचित 21 उम्मीदवारों में भाजपा के 12, कांग्रेस के चार, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के तीन, जनसेना पार्टी का एक तथा नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) का एक उम्मीदवार शामिल है।भाजपा के 12 उम्मीदवार छह राज्यों से निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश से एक, गुजरात से चार, कर्नाटक से एक, मध्य प्रदेश से तीन, मणिपुर से एक तथा राजस्थान से दो उम्मीदवार शामिल हैं।
कांग्रेस के जो चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, उनमें कर्नाटक से तीन तथा राजस्थान से एक उम्मीदवार शामिल है। आंध्र प्रदेश की चार सीटों में से तेलुगु देशम पार्टी ने तीन और जनसेना पार्टी ने एक सीट जीती है। मेघालय की एक सीट पर नेशनल पीपुल्स पार्टी का उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुआ है।राज्यसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में महाराष्ट्र की एक सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को मिली है। तमिलनाडु की एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जबकि ओडिशा की एक सीट भाजपा के खाते में गई है।