राम मंदिर में चोरी के आरोपों की जांच के लिए मंडलायुक्त लखनऊ के नेतृत्व में एसआईटी गठित

राम मंदिर में चोरी के आरोपों की जांच के लिए मंडलायुक्त लखनऊ के नेतृत्व में एसआईटी गठित

लखनऊ, 13 जून। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने इसका गठन किया है।सरकार की ओर से गठित एसआईटी में तीन अधिकारी शामिल किए गए हैं। इसमें विजय विश्वास पंत, आईएएस, मंडलायुक्त लखनऊ , किरन एस, आईपीएस, आईजी रेंज और नील रतन, विशेष सचिव, वित्त शामिल हैं ।

गौरतलब है कि विवाद की शुरुआत सात जून को सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय के दावे से हुई। पांडेय ने कहा था कि राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी की गई है। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताते हुए कहा था कि मामले को कोर्ट को देखना चाहिए।ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सफाई देते हुए कहा था कि अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है लेकिन विवाद बढ़ने पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने नौ जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग कर दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अगले दिन 10 जून को मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट तलब कर ली। बुधवार को राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और हिसाब-किताब जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

ट्रस्ट ने ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार से अनुरोध किया था, जिसके बाद सीएम योगी के आदेश पर एसआईटी बनाई गई। अब एसआईटी मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, चढ़ावे के जमा और खर्च का लेखा-जोखा खंगालेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मंदिर से चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप कितना सही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *