
वाराणसी, 15 जून । अपना दल (कमेरावादी) की नेता एवं सिराथू विधायक पल्लवी पटेल को सोमवार को नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान बीएचयू के बाहर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पल्लवी पटेल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सिंहद्वार के पास से विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई थी।मौके पर तैनात पुलिस बल ने पल्लवी पटेल तथा उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।प्रदर्शन के मद्देनजर बीएचयू और आसपास के क्षेत्रों में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके पर मोर्चा संभाल रखा था।
पल्लवी पटेल ने कहा कि उनके लखनऊ स्थित कार्यालय की ओर से वाराणसी प्रशासन को लिखित सूचना दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं देती है। उन्होंने कहा कि वह जब भी सड़कों पर उतरती हैं, पूरी सूचना देकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस दिल्ली से नियंत्रित होती है या लखनऊ से, यह तो नहीं पता, लेकिन प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाती।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज, कौशाम्बी, जौनपुर और वाराणसी में जगह-जगह पुलिस बल लगाकर लोगों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसी मुस्तैदी से पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाती तो विद्यार्थियों का भविष्य खराब नहीं होता। उन्होंने कहा कि पुलिस जो कार्रवाई करना चाहती है, करे, लेकिन वे डरने वाली नहीं हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि एक राजनीतिक दल द्वारा मार्च निकालने का आह्वान किया गया था, जिसकी किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि ज्ञापन देना है तो तीन-चार प्रतिनिधि किसी अधिकारी अथवा उन्हें स्वयं ज्ञापन सौंप सकते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था और शांति भंग नहीं होने दी जाएगी।सूत्रों के अनुसार, पल्लवी पटेल पुलिस की निगरानी से बचते हुए जौनपुर से वाराणसी के बाबतपुर क्षेत्र तक ऑटो में आम सवारियों के बीच बैठकर पहुंचीं।