
एस.ए.एस. नगर (मोहाली), 18 जून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर श्री अकाल तख्त साहिब और उसके जत्थेदारों के प्रति टकरावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनकी कड़ी आलोचना की है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी कथित गलती स्वीकार कर तत्काल श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होना चाहिए और एक विनम्र सिख की तरह क्षमा याचना करनी चाहिए।
श्री सिद्धू ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि एक वायरल वीडियो, जिसमें कथित तौर पर सिख गुरुओं की तस्वीरों का अनादर दिखाया गया था, के मामले में जब मुख्यमंत्री को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष तलब किया गया था, तब उन्होंने स्वयं वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की थी। श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि अब जब सरकारी प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट कथित रूप से वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि कर रही है, तो मुख्यमंत्री अपने पहले के रुख से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब वीडियो को फर्जी नहीं बता रहे, बल्कि यह दावा कर रहे हैं कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उनके अनुसार यह श्री अकाल तख्त साहिब, सिख पंथ और पंजाब के लोगों को गुमराह करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोधाभासी बयान मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि श्री मान ने कभी भी सिख मर्यादा का पालन करने वाले व्यक्ति की तरह आचरण नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री कई अवसरों पर शराब के प्रभाव में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष उपस्थित हुए, जो सिख धार्मिक मर्यादा के विपरीत है। श्री सिद्धू ने आरोप लगाया कि अब अपने कथित कृत्यों से ध्यान हटाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मानित सिख संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और अधिकार राजनीति से कहीं ऊपर हैं तथा कोई भी मुख्यमंत्री इस संस्था से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने श्री मान से आग्रह किया कि वह जत्थेदार साहिब के खिलाफ बयानबाजी बंद करें और एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगें।श्री सिद्धू ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते, तो सिख समुदाय उनके कथित अहंकार का लोकतांत्रिक और सामाजिक स्तर पर उचित जवाब देगा।