अगले तीन दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून दे सकता है दस्तक

अगले तीन दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून दे सकता है दस्तक

लखनऊ, 24 जून। उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होती जा रही हैं और अगले दो से तीन दिनों में मानसून के प्रदेश में प्रवेश करने तथा इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ द्वारा बुधवार को जारी ताजा प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून बुधवार को उत्तर-पूर्वी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजर रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अभी प्रभावी मानसूनी गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं, जिसके कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। प्रदेश में छिटपुट वर्षा तक सीमित मौसमी सक्रियता के चलते बुधवार को बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा। बांदा, फतेहपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और बहराइच समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले उष्ण लहर की चपेट में रहे।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 27 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बने रहने की संभावना है। इसके बाद 28 जून से वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ जून के अंतिम दिनों में व्यापक वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 24 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य 66 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 21.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 67 प्रतिशत कम है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 47.3 मिमी के सापेक्ष 33.4 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 29 प्रतिशत कम है। पूरे प्रदेश में अब तक 26.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 54 प्रतिशत कम है।मौसम विभाग के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में गोरखपुर में मानसून 18 जून, जबकि लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी में 23 जून के आसपास पहुंचता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के झांसी और बरेली में इसकी सामान्य आगमन तिथि 24 जून तथा आगरा और बिजनौर में 27 जून मानी जाती है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ सकता है। इससे जहां भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी, वहीं किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां प्राप्त होंगी।

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