
गौतमबुद्धनगर 24 जून । उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला की साइबर अपराध थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी नौकरी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा विभिन्न कंपनियों में नौकरी और प्रशिक्षण दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाया जाता था।पुलिस द्वारा बुधवार को कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि, गत मंगलवार को अभिसूचना संकलन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेंट्रल नोएडा जोन के सेक्टर-63 स्थित एक ठिकाने पर छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अन्य कंपनियों का डाटा चोरी कर नौकरी तलाश रहे लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें आकर्षक रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसरों का झांसा देकर धोखाधड़ी करते थे।
पुलिस ने इनके कब्जे से नौ मोबाइल, लैपटॉप, सत्रह सिम कार्ड समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किये हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एटा निवासी आदित्य चौहान (20), दिल्ली निवासी सुमित कुमार (19), कानपुर नगर निवासी सूरज गुप्ता (23), फिरोजाबाद निवासी रिषभ (20) तथा सुल्तानपुर निवासी गौरव पाठक (23) शामिल हैं। सभी आरोपी शिक्षित हैं और विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आते हैं।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में कुल पांच शिकायतें दर्ज हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की एक, बिहार की एक तथा महाराष्ट्र की तीन शिकायतें शामिल हैं।
इस मामले में साइबर अपराध थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत और 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नौकरी या प्रशिक्षण के नाम पर आने वाले किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ई-मेल पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। भर्ती संबंधी जानकारी केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें। नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या संस्था को बिना जांच-पड़ताल के धनराशि न दें तथा अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें।
साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें।