ज़ी सिनेमा पर होगा ‘आधि शब्दम’, ‘सहदेव’ और ‘ओ’ रोमियो’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर

ज़ी सिनेमा पर होगा ‘आधि शब्दम’, ‘सहदेव’ और ‘ओ’ रोमियो’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर

मुंबई, 25 जून । ज़ी सिनेमा इस सप्ताह दर्शकों के लिए तीन अलग-अलग जॉनर की फिल्मों का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर लेकर आ रहा है। हॉरर-सस्पेंस, एक्शन-थ्रिलर और गैंगस्टर रोमांस से भरपूर ये फिल्में दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर अनुभव देंगी।गुरुवार, 25 जून को रात 8 बजे सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म ‘आधि शब्दम’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर होगा। फिल्म की कहानी पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर रूबेन के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक मेडिकल कॉलेज में हो रही रहस्यमयी मौतों और अजीब घटनाओं की जांच के लिए बुलाया जाता है। जैसे-जैसे वह मामले की तह तक पहुंचता है, उसके सामने कई खौफनाक रहस्य उजागर होते हैं। फिल्म में आदि, लक्ष्मी मेनन, सिमरन और लैला प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

इसके बाद शनिवार, 27 जून को रात 8 बजे एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘सहदेव’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर प्रसारित किया जाएगा। फिल्म में रवि तेजा मुख्य भूमिका में हैं। कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जो एक साधारण कपास किसान के रूप में जीवन व्यतीत करता है, लेकिन उसकी असली पहचान और खतरनाक मिशनों का खुलासा तब होता है, जब एक पत्रकार उसकी पड़ताल शुरू करता है। इसके बाद अवैध हथियारों के नेटवर्क और कई रहस्यों से जुड़े घटनाक्रम सामने आते हैं।रविवार, 28 जून को रात 8 बजे फिल्मकार विशाल भारद्वाज निर्देशित ‘ओ’ रोमियो’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर होगा। साजिद नाडियाडवाला द्वारा निर्मित इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म एकतरफा प्यार, अपराध और जुनून की कहानी है। शाहिद कपूर ‘उस्तरा’ नामक किरदार में नजर आएंगे, जिसकी जिंदगी अफशां से प्रेम होने के बाद पूरी तरह बदल जाती है। अफशां की भूमिका तृप्ति डिमरी ने निभाई है। दोनों के रिश्ते से शुरू हुई घटनाएं पूरे क्राइम सिंडिकेट को हिलाकर रख देती हैं।

फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी और फरीदा जलाल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं, जबकि विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया और दिशा पाटनी विशेष भूमिकाओं में दिखाई देंगे।तृप्ति डिमरी ने कहा कि अफशां का किरदार उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और खास अनुभवों में से एक रहा। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी महिला का किरदार है, जो परिस्थितियों के सामने झुकने के बजाय अपने फैसले खुद लेती है।

वहीं, विशाल भारद्वाज ने कहा कि 1995 के मुंबई की पृष्ठभूमि में बनी यह कहानी प्रेम और हिंसा के जटिल संबंधों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह कहानी पढ़ी, तभी तय कर लिया था कि इसे पर्दे पर लाना है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी ने अपने किरदारों को सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि उन्हें पूरी तरह जिया है।

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