सोना चांदी एकत्र करने का आरोप लगाने वाले पहले प्रमाण लायें: शंकराचार्य

सोना चांदी एकत्र करने का आरोप लगाने वाले पहले प्रमाण लायें: शंकराचार्य

मुरादाबाद, 25 जून। ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वामी गोविंदानंद द्वारा अपने ऊपर लगाए गए चंदे और सोना-चांदी एकत्र करने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुली चुनौती दी है।उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि आरोप लगाने वाले पहले इसके प्रमाण सामने लाएं क्योंकि वह इसके लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) सहित किसी भी तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं। उत्तर प्रदेश भ्रमण के दौरान अमरोहा के बाद बृहस्पतिवार को मुरादाबाद पहुंचे शंकराचार्य ने राम मंदिर दान विवाद की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर भी सवाल उठाए और प्रदेश सरकार से गाय को पशु के बजाय आधिकारिक रूप से माता घोषित करने की मांग की।

मुरादाबाद पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार जयघोष के साथ स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए दावा किया कि जब वे लोग इस मामले का मुकदमा लड़ रहे थे, तब आरोप लगाने वाले कहीं मौजूद नहीं थे और आज मुकदमा जीतने के बाद कुछ लोग वहां आकर बैठ गए हैं तथा अनर्गल बातें बना रहे हैं। गांव-गांव से सोना-चांदी एकत्र करने के आरोपों पर शंकराचार्य ने कहा कि जिन गांवों का दावा किया जा रहा है उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए और आरोप लगाने वाले कैमरा लेकर उनके साथ चलें। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उन गांवों के लोग कह दें कि वह वहां गए थे और उन्होंने चंदा लिया था, तब वह आगे बात करेंगे क्योंकि महज झूठ फैलाने से काम नहीं चलेगा।राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि दान में चोरी के आरोपों की जांच चल रही है, लेकिन उसकी रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है जिससे नीयत पर संदेह गहराता जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट कुछ ही दिनों में आ जानी चाहिए थी, लेकिन लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इस मामले को कछुआ गति से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि समय बीतने के साथ लोग इसे भूल जाएं।

इसी क्रम में उन्होंने गौरक्षा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि गौमाता को पशु के बजाय माता घोषित किया जाए क्योंकि भारतीय संस्कृति में गाय केवल पशु नहीं बल्कि माता का दर्जा रखती है, इसलिए सरकार को जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय लेकर गौरक्षा के लिए एक सशक्त कानून बनाना चाहिए।उन्होंने बताया कि वह पूरे उत्तर प्रदेश की सभी चार सौ तीन विधानसभा सीटों पर जाकर लोगों से गौमाता की रक्षा के लिए मतदान करने का संकल्प करा रहे हैं और अब तक लाखों लोग यह संकल्प ले चुके हैं। इस अवसर पर गौसेवा आयोग के पूर्व सदस्य राहुल ठाकुर ने कहा कि शंकराचार्य के आगमन से मुरादाबाद मंडल की धरती पावन हुई है क्योंकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं तथा गौमाता की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत हैं और आगे भी रहेंगे।

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