विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी एफआईआर : योगी

विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, लापरवाही पर होगी एफआईआर : योगी

आगरा, 28 जून । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण अथवा पुनर्निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामी पाए जाने पर संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।मुख्यमंत्री रविवार को मंडलायुक्त सभागार में आगरा मंडल के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगरा अब मेट्रो शहर है, इसलिए यहां सड़क, पेयजल, सीवर और सौंदर्यीकरण जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं महानगर के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर लाइन तथा अन्य परियोजनाओं के तहत सड़कों की खुदाई के बाद पुनर्निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि आगरा मंडल में सड़क निर्माण, सुदृढ़ीकरण, पुल एवं हेलीपैड निर्माण से जुड़े लगभग 495 कार्यों के लिए करीब 2,791 करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से अपनी प्राथमिकताएं शीघ्र तय करने को कहा, ताकि प्रस्तावों को स्वीकृति देकर तत्काल धनराशि जारी की जा सके।

मुख्यमंत्री ने आगरा एयरपोर्ट विस्तार, पुल निर्माण तथा सड़क चौड़ीकरण जैसी परियोजनाओं में न्यायालयीन अड़चनों को दूर करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पैनल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने चाहिए और प्रभावी पैरवी के माध्यम से आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की जाएं।उन्होंने ग्रामीण सड़कों पर भारी ट्रकों और डंपरों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे वाहनों से सड़कों को होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित वाहन स्वामियों से कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों से होने वाले अवैध खनन और छुट्टा पशुओं की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा संबंधित राज्यों के प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा दयालबाग-खंदौली बाईपास, यमुना पर नए पुल, एत्मादपुर बाईपास और ग्वालियर रोड पर जलभराव की समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ऐसा मार्ग तैयार किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को पैदल परिक्रमा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, गन्ना एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

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