फायर एनओसी की समयबद्ध जांच कर नोटिस जारी करें, जनसुरक्षा से समझौता नहीं : योगी

फायर एनओसी की समयबद्ध जांच कर नोटिस जारी करें, जनसुरक्षा से समझौता नहीं : योगी

लखनऊ, 28 जून। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला अस्पतालों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की फायर एनओसी की वैधता समाप्त होने वाली है अथवा जिनके पास वैध एनओसी नहीं है, उन्हें समय रहते नोटिस जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।मुख्यमंत्री रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर, ईवी चार्जिंग सहित विभिन्न जनहित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं।

बैठक में बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर (84.80 प्रतिशत) भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 49.05 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रगति की जानकारी दी गई।मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जाए तथा इनके किनारे औद्योगिक विकास के लिए भी पर्याप्त भूमि सुनिश्चित की जाए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शेष भूमि अधिग्रहण और विकासकर्ता चयन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के संबंध में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर 15 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण करने तथा संशोधित प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने को कहा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में तेजी लाने और निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया सरल बनाकर चार्जिंग अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने डेटा सेंटर क्लस्टर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन एवं मेनहोल से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने के निर्देश भी दिए।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ, आगरा और सहारनपुर मंडलों में लाइन लॉस के संबंध में फीडरवार जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

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