
नयी दिल्ली, 01 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट डे’ और ‘नेशनल डॉक्टर डे’ के अवसर पर देश के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और डॉक्टरों को शुभकामनाएं दीं तथा भारत की आर्थिक प्रगति एवं स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उनके योगदान की सराहना करते हुए देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उनकी अहम भूमिका का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर अलग-अलग पोस्ट में, इन क्षेत्रों से जुड़े पेशेवरों के समर्पण और विशेषज्ञता की सराहना की तथा उन्हें भारत की अर्थव्यवस्था एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने वाला प्रमुख स्तंभ बताया। ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट डे’ पर समस्त सीए बिरादरी को बधाई देते हुए श्री मोदी ने कहा कि पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें भारत के आर्थिक विकास में भरोसेमंद भागीदार बनाया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “पूरी सीए बिरादरी को ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट डे’ की शुभकामनाएं। वे लंबे समय से भारत की आर्थिक यात्रा में भरोसेमंद भागीदार रहे हैं। पारदर्शिता और पेशेवर उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से वे हमारी वित्तीय प्रणालियों को मजबूत करते हैं, व्यवसायों का समर्थन करते हैं, उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं और निवेशकों में विश्वास जगाते हैं।”
श्री मोदी ने देश के विकास में उनके व्यापक योगदान पर कहा, “उनकी विशेषज्ञता आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती है। हम जैसे-जैसे ‘विकसित भारत’ बनने की ओर बढ़ रहे हैं। उनके प्रयास ऐसा माहौल बनाने में मदद करते हैं, जहां उद्यम फल-फूल सकें और सभी के लिए अवसरों का विस्तार हो सके।”
गौरतलब है कि 1949 में संसद के एक अधिनियम के तहत ‘द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (आईसीएआई) अपनी स्थापना के उपलक्ष्य में एक जुलाई को ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट डे’ मनाता है। वित्तीय रिपोर्टिंग, ऑडिटिंग, कराधान, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामक अनुपालन में चार्टर्ड अकाउंटेंट केंद्रीय भूमिका निभाते हैं, जो उन्हें भारत के व्यापारिक और आर्थिक तंत्र का अभिन्न हिस्सा बनाता है।
श्री मोदी ने ‘नेशनल डॉक्टर डे’ पर डॉक्टरों की अटूट सेवा, करुणा और प्रतिबद्धता के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया तथा उन्हें देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ बताया।उन्होंने कहा, “डॉक्टर डे पर हमारे समर्पित डॉक्टरों को शुभकामनाएं, जिनका कड़ा परिश्रम, करुणा और प्रतिबद्धता भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं। उनके अथक प्रयासों ने, जो अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में होते हैं, अनगिनत लोगों का विश्वास और आभार अर्जित किया है।” प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में भारत के स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी बात की और चिकित्सा शिक्षा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की ओर इशारा किया।श्री मोदी ने कहा, “पिछले एक दशक में, भारत ने स्वास्थ्य सेवा तंत्र मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गयी है, जबकि स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों का काफी विस्तार हुआ है। यह अभूतपूर्व वृद्धि भविष्य के डॉक्टरों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है, मजबूत स्वास्थ्य सेवा कार्यबल का निर्माण कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल देश के हर कोने तक पहुंचे।” भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों में चिकित्सा बिरादरी की भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के परिणामों में सुधार लाने और गुणवत्तापूर्ण उपचार तक पहुंच का विस्तार करने में डॉक्टर हमेशा केंद्र में रहेंगे।
उन्होंने कहा, “हम जैसे-जैसे ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, हमारे डॉक्टर बीमारियों से बचाव वाली स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने, चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने, नवाचार को अपनाने और सभी के लिए सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।”
भारत में हर वर्ष एक जुलाई को ‘नेशनल डॉक्टर डे’ चिकित्सा पेशेवरों के योगदान को सम्मानित करने और प्रसिद्ध चिकित्सक तथा पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में डॉक्टरों की अमूल्य सेवा को मान्यता देता है और विशेष रूप से संकट के समय में उनके समर्पण की सराहना करता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब सरकार 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ में बदलने के अपने दृष्टिकोण के प्रमुख घटकों के रूप में स्वास्थ्य सेवा के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा सुधारों, आर्थिक विकास और पेशेवर उत्कृष्टता पर लगातार जोर दे रही है।