
नयी दिल्ली, 23 जुलाई । पेपर लीक मुद्दे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी के नेताओं और सदस्यों का एक बड़ा हुजूम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष श्री राहुल गांधी के नेतृत्व में गुरुवार शाम राजधानी में गांधी समृति पर पहुंच गया। बिना किसी पूर्व घोषणा के आयोजित इस प्रदर्शन में कई विपक्षी दलों के नेता भी शामिल थे।श्री गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ गांधी स्मृति (30 जनवरी मार्ग) में उन विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने नीट परीक्षा लीक होने की वजह से आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी उनकी स्मृतियों में हमेशा बने रहेंगे और उन्हें इंसाफ दिलाने की कोशिश वे करते रहेंगे।उन्होंने कहा “हम भारत के विद्यार्थियों के साथ मजबूती से खड़े हैं और वे अकेले नहीं हैं।”
लोक सभा में विपक्ष के नेता श्री गाँधी ने बस से इस नये अभियान पर निकलते हुए सोशल मीडिया पर कहा, “अभी, इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया -वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं, जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।”श्री गांधी ने गांधी स्मृति जाते हुए संवाददाताओं से कहा, ” हमारे नेता महात्मा गांधी की यहीं हत्या की गई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। छात्रों पर बर्बरता की जा रही है और उन्हें पीटा जा रहा है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम छात्रों के साथ हैं और श्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री को हटाना होगा तथा छात्रों से माफी मांगनी होगी।”
इससे पहले कांग्रेस और विभिन्न विपक्षी दलों के कुछ नेता श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा और श्री गांधी के पांच सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर एकत्रित हुए और वहां से बसों में सवार होकर गांधी स्मृति की ओर रवाना हुए।श्रीमती वाड्रा ने कहा, “महात्मा गांधी ने जो किया और हमारे किसानों तथा गरीबों ने जो किया, वह वास्तव में एक अनोखी क्रांति और आंदोलन था, क्योंकि उसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। आज उसी देश में बच्चों को सिर्फ इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि वे अपने अधिकार मांग रहे हैं। हम सभी देख रहे हैं कि देश में कितना कुछ गलत हो रहा है। जिस लोकतंत्र के लिए गांधीजी शहीद हुए और जिसके लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिया, आज उसी देश में लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है।जो लोग वर्दी पहनकर देश की सीमाओं पर खड़े हैं, वे किसलिए खड़े हैं? क्या इसलिए कि उनके बच्चों को पीटा जाए? सिर्फ इसलिए कि उनके परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो गए और वे अपने अधिकार तथा न्याय की मांग कर रहे हैं।”कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पूरे दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात बना दिए हैं और राजधानी को युद्ध जैसी स्थिति में बदल दिया है। राजद सांसद मीसा भारती ने कहा, “हम सभी विपक्षी नेता गांधी स्मृति की ओर जा रहे हैं।” माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, “हम गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम वहां इसलिए जा रहे हैं क्योंकि यह सरकार छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई करने जा रही है।”
गांधी स्मृति पहुंच विक्षी नेताओं में तृणमूल कांग्रेस के जॉन ब्रिटास, कल्याण बनर्जी, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माझी, शिवसेना (उद्धव ) के अरविंद सावंत , रीवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एनके प्रेमचंद्रन तथा भाकपा के पी संदोष और कांग्रेस के कई अन्य नेता और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल थे।उल्लेखनीय है कि श्री गांधी के नेतृत्व में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने अप्रत्याशित रूप से प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना दिया था। पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को वहां से हटा कर कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया था।
पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष चार दिन से संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।सरकार ने विपक्ष के समक्ष संसद में इस विषय पर चर्चा का प्रस्ताव रखा है पर विपक्ष का कहना है कि पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए।
सरकार ने इस मुद्दे पर पिछले 20 जून से जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।