
लखनऊ, 25 जुलाई । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने छात्र-युवा आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता।उन्होंने केंद्र सरकार से आंदोलन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में सुश्री मायावती ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और विशेष रूप से जिन पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी और बल प्रयोग किया, उनकी पहचान कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमे भी दर्ज किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।बसपा प्रमुख ने यह भी मांग की कि आंदोलनरत छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें वापस ली जाएं, जिससे उन्हें भविष्य में थानों और अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका भविष्य प्रभावित न हो। उनका कहना था कि इससे देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में भी मदद मिलेगी।
सुश्री मायावती ने आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे अपने संघर्ष का किसी भी राजनीतिक दल को राजनीतिक लाभ उठाने का अवसर न दें तथा अपने भविष्य को भी सुरक्षित रखें।