
आजमगढ़ 25 जुलाई । समाजवादी पाटी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की जीत बताते हुये कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीति राष्टीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का काउंटडाउन अब शुरू हो चुका है। देश और प्रदेश की जनता इस तानाशाही से पूरी तरह ऊब चुकी है।सपा विधायक आलम बदी आजमी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे सपा सुप्रीमो ने पत्रकारों से बातचीत में न सिर्फ भाजपा सरकार को घेरा, बल्कि जेल में बंद बाहुबली रमाकांत यादव से लेकर आजम खान के मुद्दों पर सरकार की नीतियों को जम कर आलोचना की।
उन्होने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवा प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि आज के युवाओं से हर किसी को सीखने की जरूरत है। शिक्षा और परीक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओं के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाली भाजपा की हवा देश के नौजवानों ने निकाल दी है। यह जीत पूरी तरह से युवाओं और नौजवानों के संघर्ष की जीत है।”श्री यादव ने अपनी पुरानी सरकार के कार्यों को गिनाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने बहुत पहले ही आधुनिक शिक्षा के महत्व को समझा और युवाओं को लैपटॉप बांटे। आज की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ‘डायल 100’ और ‘108 एम्बुलेंस’ जैसी जनहित की सेवाएं समाजवादी पार्टी की ही सोच का नतीजा थीं, जिससे एक कॉल पर मदद दरवाजे तक पहुंचती थी।
जेल में बंद बाहुबली विधायक रमाकांत यादव के सवाल पर अखिलेश यादव ने कोर्ट पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें पूरी तरह फर्जी मुकदमों में फंसाया है, लेकिन न्यायपालिका से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। वहीं, आजम खान और उनके परिवार का पक्ष लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोला।सपा सुप्रीमो ने कहा, “आजम खान के परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाकर अब यूनिवर्सिटी तोड़ने की साजिश रची जा रही है। जब किसी का घर टूटता है, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री खुश होते हैं। क्या यूपी को ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए।”
सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के पैसों के दम पर सत्ता में बने रहना चाहती है। जब जनता इन्हें चुनाव में हरा देती है, तो ये पैसों के बल पर दूसरी पार्टियों के सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) शुरू कर देते हैं।इससे पहले अखिलेश यादव निजामाबाद विधानसभा के पूर्व विधायक स्वर्गीय आलम बदी आजमी के परिजनों से मिलने कुर्मी टोला पहुंचे। उन्होंने आलम बदी को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा, “वह एक अलग और विरले इंसान थे। ऐसे उच्च व्यक्तित्व के लोग धरती पर बहुत कम आते हैं। मुझे गर्व है कि वह हमारी पार्टी के विधायक थे। उनकी कमी को पूरा कर पाना समाज और पार्टी के लिए नामुमकिन है।”