
जालौन, 25 जुलाई । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि प्रदेश में अब नकल और पेपर लीक माफियाओं के लिए कोई स्थान नहीं है तथा बुंदेलखंड को देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।जालौन जिले के उरई स्थित इंदिरा स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती, युवाओं के भविष्य और बुंदेलखंड के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भरोसा दिलाते हुए कहा, “मैं नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों को विश्वास दिलाता हूं कि अब पेपर लीक माफियाओं की जगह जेल है। आपकी मेहनत और भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी है।” उनके इस बयान पर जनसभा स्थल तालियों और नारों से गूंज उठा।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक का संगठित कारोबार चलता था, जिससे लाखों मेहनती युवाओं का भविष्य प्रभावित होता था। उनकी सरकार ने इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून बनाया है। अब सरकारी नौकरियां बिना किसी सिफारिश और भेदभाव के केवल योग्यता एवं मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल और पेपर लीक में शामिल माफियाओं की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के लिए 10 वर्ष तक के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पहले सरकारी भर्ती निकलते ही “चाचा-भतीजे की जोड़ी” वसूली में लग जाती थी और नौकरियां योग्यता के बजाय भ्रष्टाचार के आधार पर मिलती थीं। आज प्रदेश में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू है, जिससे योग्य युवाओं को निष्पक्ष अवसर मिल रहे हैं।महिलाओं की सुरक्षा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले परिवार अपनी बेटियों को विद्यालय भेजने में भी असुरक्षित महसूस करते थे, लेकिन आज प्रदेश का वातावरण पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जो बेटी की सुरक्षा या व्यापारी के सम्मान से खिलवाड़ करेगा, उसके लिए दो ही जगह हैं—जेल या जहन्नुम।”
उन्होंने डिजिटल इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांग पेंशन सहित अन्य योजनाओं में बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।बुंदेलखंड के विकास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी यह क्षेत्र सूखा, गरीबी, पलायन और डकैतों की समस्या के लिए जाना जाता था, लेकिन डबल इंजन सरकार ने इसकी पहचान बदल दी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, चार लेन सड़कों और बेहतर संपर्क मार्गों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि 56 हजार एकड़ क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और डाटा सेंटर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं बुंदेलखंड के लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी।अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री ने जालौन और कालपी की ऐतिहासिक विरासत को नमन करते हुए की। उन्होंने महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और नाना साहब पेशवा के योगदान को स्मरण किया तथा कालपी के हस्तनिर्मित कागज और प्रसिद्ध मटर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान के साथ नए उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री संजय गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, उरई विधायक गौरीशंकर वर्मा, जलशक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, झांसी मंडल के मंडलायुक्त विमल कुमार, पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरी, अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।