
बीजिंग, 25 जुलाई । चीन ने कहा है कि चीन-रूस को दूसरे विश्व युद्ध में मिली जीत के नतीजों की रक्षा करनी चाहिए और जापान को फिर से हथियार उठाने से रोकना चाहिए।चीनी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को शीर्ष चीनी राजनयिक के हवाले से कहा, “दोनों देशों को रणनीतिक तालमेल को मजबूत करना चाहिए, द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत के परिणामों की रक्षा करनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में जापान फिर से हथियार उठाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।”
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अपने रूसी समकक्ष सर्जेई लावरोव से शुक्रवार को किर्गिस्तान में मुलाकात की।चीनी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि जापान हाल के दिनों में आक्रामक हथियारों की तैनाती और अपने क्षेत्र से बाहर आक्रामक मिसाइलें लॉन्च कर दोबारा अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर रहा है।
जापानी प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने नवंबर 2025 में कहा था कि ताइवान से जुड़ी किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में यदि युद्धपोतों और सैन्य बल का इस्तेमाल होता है तो इसे देश के अस्तित्व पर संकट माना जा सकता है। उनकी इस टिप्पणी के बाद से चीन-जापान के रिश्तों में खटास आयी थी।इसका असर यह हुआ कि चीन से जापान जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गयीं, पर्यटन में गिरावट आयी और चीन ने जापान के लिए दोहरे उपयोग वाले सामान की आपूर्ति पर पाबंदी लगा दी।